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नोटबंदी का मामला: बाजार में पेटीएम और स्वाइप मशीन पर जोर

Wed, 07 Dec 2016 12:33 AM IST
मुकेश शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद
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पेटीएम से लेन देन कर रहे छोटे दुकानदार - फोटो : लाल स‌िंह/अमर उजाला
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नोटबंदी के कारण ग्राहकों की कमी के कारण बाजार की गड़बड़ हुई अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कवायद तेज हो गई। अब व्यापारी वर्ग बाजार को कैशलेस बनाने में जुट गए हैं। इसलिए अधिकांश व्यापारियों ने विभिन्न बैंकों में स्वाइप मशीन के लिए आवेदन कर दिया है। उम्मीद है अगले 15 दिन में बाजार स्वाइप मशीन पर काम करेगा। काम प्रभावित न हो, इसके लिए व्यापारी पेटीएम ऐप डाउनलोड कर ग्राहकों को सामान बेच रहे हैं।
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नोटबंदी के 28वें दिन भी बाजार की अर्थव्यवस्था पटरी पर नहीं आई है। आलम ये है कि अभी भी बाजार में 8 नवंबर से पूर्व के दिनों की भांति 40 फीसद ग्राहक नहीं आ रहे है। फर्नीचर, सर्राफा और बर्तन बाजार में तो इससे भी ज्यादा गिरावट महसूस की जा रही है। जो लोग बाजार आ रहे है, वे ज्यादातर रोजमर्रा की खरीददारी कर काम चला रहे हैं।

दुकानदारों ने पेटीएम ऐप डाउनलोड कर लिया है। लेकिन, ग्राहक अभी भी इस ऐप से महरूम है। इसलिए दिक्कत बरकरार है। इसलिए बाजार उधार, विश्वासी चैक, गांरटी और छोटे नोट पर चल रहा है। बाजार में नकदी की कमी और ग्राहकों की सुविधा के लिए दुकानदार-व्यापारी एक-दूसरे को डेबिट एवं क्डिट कार्ड स्वाइप मशीन रखने की सलाह दे रहे है।
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  जिसके कारण बड़े दुकानदारों से जुड़े छोटे दुकानदार भी लेनदेन में डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने लगे है। पेटीएम, स्वाइप और चेक से कुछ बिक्री बढने से व्यापारियों में दोबारा बाजार खड़ा होने की उम्मीद जगी है। थोक बाजार ही नहीं खुदरा बाजार में भी कैशलेश होने की तैयारी में जूट गया है।
स्वाइप मशीन के लिए बैंक में आवेदन दे दिया है। लेकिन, मशीनों की कमी के चलते अभी 10 दिन और लग सकते हैं। इसलिए पेटीएम से काम चल रहा है। नोटबंदी के बाद बाजार में नकदी की कमी को देखते हुए छोटे व्यापारियों एवं दुकानदारों के लिए जरूरी है कि वे भी अपनी दुकानों पर स्वाइप मशीनें रखें।-मनोज सिंगला, सिंगला टॉय एंड गिफ्ट कार्नर
अभी तक ग्राहक और व्यापारी दोनों कैशलेस व्यवस्था से अनभिज्ञ थे। नोटबंदी के कारण बाजार में सिर्फ 30 फीसद काम रह गया है। लेकिन, पेटीएम और स्वाइप मशीन आने से बाजार में दोबारा रौनक आने लगी है।-सुनील अग्रवाल, व्यापारी
हमें नोटबंदी के कारण परेशानी नहीं हुई। क्योंकि हमने चार महीने पर पहले ही स्वाइप मशीन खरीद कर प्रयोग शुरू कर दिया था। नियमित ग्राहकों को इसकी जानकारी थी। बाजार में ग्राहकों की कमी के चलते थोड़ी दिक्कत आई। लेकिन, वह भी धीरे-धीरे कम हो रही है।-प्रशांत मित्तल, थोक विक्रेता
स्वाइप मशीन के लिए आवेदन कर दिया है। लेकिन बैंक मशीन देने में आनाकानी कर रहे है। फिलहाल जान-पहचान वाले ग्राहकों से चैक लेकर काम कर रहे है। कोई गारंटी दे देता है तो भी सामान दे देते है। बाजार में स्थिति सामान्य हो रही है।-विपिन जैन, व्यापारी
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