साध्वी यौन शोषण मामले में गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद हरियाणा और पंजाब में हुए बवाल का असर शनिवार को नोएडा के बाजारों में देखने को मिला। शहर में डेरा के समर्थकों की तोड़फोड़ की कोई खबर नहीं आई है। इसके बावजूद बवाल की आशंका से दुकानदार सहमे हुए हैं। शनिवार को बाजारों में दुकानें तो खुलीं, लेकिन खरीदार नहीं पहुंचे। इसके चलते लाखों का व्यापार प्रभावित हुआ। दूसरी ओर, कई कंपनियों में भी हिंसा के डर से छुट्टी कर दी गई। नोएडा के बॉर्डर पर पुलिस चेकिंग की गई, ताकि उपद्रवियों को रोक जा सके।
सभी कार्यक्रम रद्द, स्कूलों की छुट्टी
डेरा समर्थकों के डर की वजह से शनिवार को शहर में होने वाले सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। स्कूलों में चल रहे स्पोर्ट्स केकार्यक्रम की तिथि आगे बढ़ा दी गई। इसमें हिस्सा लेने के लिए बच्चों को दिल्ली, गाजियाबाद से भी आना था। दूसरी ओर, प्रशासन की तरफ से स्कूलों में छुट्टी होने की घोषणा नहीं की गई थी। इसके बावजूद सुरक्षा के मद्द्ेनजर कोठारी व जेपी स्कूल समेत अन्य शनिवार को बंद रहे। कई स्कूलों ने अभिभावकों को मैसेज करके छुट्टी की जानकारी दी। इसके बावजूद कई अभिभावक बच्चों को लेकर स्कूल पहुंचे, मगर वहां ताला लगा मिला।
औद्योगिक क्षेत्र दिखे खाली
हिंसा के डर से कंपनियों ने कर्मचारियों को बाहर न निकलने का सर्कुलर जारी कर दिया । लंच में कंपनियों के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। औद्योगिक क्षेत्र खाली पडे़ रहे। सेक्टर - 63, 62, 61 समेत कई अन्य सेक्टर खाली दिखे। नोएडा एंट्रेप्रिन्यिोर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया कि धारा- 144 लगी हुई है। इसलिए कर्मचारियों को कंपनियों से बाहर नहीं निकलने के लिए कहा गया था।
शनिवार के दिन बाजार में बहुत भीड़ होती थी, लेकिन राम रहीम पर फैसला आने के बाद से भीड़ बहुत कम है। भीड़ बेकाबू होकर तोड़फोड़ मचा चुकी है। ऐसे में लोग डरे हुए हैं।
-अखिलेश
बाजार सुनसान पड़ा हुआ है। दो दिन में खरीदार बाजार में नहीं आ रहे हैं। इससे व्यापार को भी नुकसान हो रहा है। त्योहारों का सीजन भी शुरू होने वाला है। पता नहीं कब तक ऐसा चलेगा।
-जितेंदर