दुकानें खोलने को लेकर सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन में स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण मंगलवार को भी अधिकतर बाजार बंद रहे। स्थिति यह रही कि गली-मोहल्लों की भी अधिकतर दुकानें बंद रहीं। एमसीडी की छोटी दुकानें तक नहीं खुली। दरअसल दुकानें खोलने को लेकर दुकानदार असमंजस की स्थिति में हैं।
नरेला, बवाना, बादली, झिलमिल, वजीरपुर समेत अन्य अधिकृत इंडस्ट्रियल एरिया में फैक्टरी बस साफ- सफाई के लिए ही खुली। दरअसल सार्वजनिक वाहन नहीं चलने के कारण फैक्टरी तक न तो मजदूर पहुंच पा रहे है और ना ही कच्चा माल। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत गुप्ता ने कि दिल्ली की सभी होलसेल मार्केट बंद रही। खारी बावली, नया बाजार, सदर बाजार, सदानंद मार्ग समेत सभी मार्केट बंद रही।
यहां तक की व्यापारियों को दुकान तक जाने की अनुमति नहीं थी। वहीं, रोहतास नगर, द्वारका मोड़, उत्तम नगर, पालम, भजनपुरा समेत कई जगहों खुदरा कारोबार हुआ। वर्तन, कपड़े, बीड़ी-सिगरेट समेत अन्य दुकानें खुलीं।
पाबंदियों की वजह से दुकान खोलना हुआ मुश्किल : सिंहानिया
हिंदुस्तान मर्केंटाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण सिंहानिया ने बताया कि पाबंदियों की वजह से व्यापार चलाना तो दूर दुकान खोलना तक मुश्किल है। व्यापारी अपने दुकान व गोदाम में यह भी जाकर नहीं देख सकते है कि चूहों ने क्या नुकसान किया है। दुकान लॉकडाउन की बाद खुली भी तो फिर मजदूर नहीं मिलेंगे। ऐसे में व्यापार चलाना बेहद ही मुश्किल है।
सरोजनी नगर मिनी मार्केट ट्रेडर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने कहा कि कौन सी दुकानें खुलेंगी और कौन नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। सरोजनी नगर, लाजपत राय मार्केट तो रिहायशी इलाके में ही है। सभी दुकान रिटेलर है, बावजूद व्यापार खोलने की इजाजत नहीं है। इससे भी बड़ी परेशानी यह है कि जब दुकान खुलेगा भी तो ग्राहक नहीं होंगे। माल कहा से आएगा और कहां जाएगा यह भी स्थिति साफ नहीं है। किस कॉलोनी की दुकान खोलने की बात की जा रही है यह व्यापारियों के समझ से परे है।
नियम-कायदे समझ से बाहर : अरोड़ा
केमिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय अरोड़ा ने कहा कि केंद्र व दिल्ली सरकार के नियम-कायदे व्यापारियों के समझ से बाहर है। औद्योगिक क्षेत्र खोलने की बात तो की जा रही है, लेकिन कैसे खुलेंगे जब माल ही नहीं आएगा। किसी चीज के निर्माण में 50 तरह की चीजों की आवश्यकता होती है। सार्वजनिक वाहन है नहीं, खुदरा बाजार बंद है। ऐसे में व्यापारी उत्पादन किस चीज की करें। एसोसिएशन ऑफ होलसेल रेडीमेड गारमेंट्स डीलर्स अशोक बाजार, गांधी नगर के अध्यक्ष केके बल्ली ने कहा कि रेडिमेड गारमेंट की दुकान खोलने का कोई मतलब ही नहीं है। लॉकडाउन में लोग खाने-पीने की चीज खरीद रहे है, ऐसे में कपड़े की खरीदारी कौन करेगा।