ट्रेन के यात्रियों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। ट्रेनों की लेटलतीफी से परेशान यात्रियों को अब निर्माण कार्य के कारण ट्रेनों के निरस्त रहने से भी परेशानी उठानी होगी। दरअसल, रेलवे अमृतसर स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का काम करने जा रही है।
इस वजह से लंबी दूरी की 30 से अधिक ट्रेनों को 19 जुलाई से 31 जुलाई के बीच निरस्त रखने का निर्णय लिया गया है। इसी तरह 21 पैसेंजर ट्रेनें भी इस दौरान निरस्त रहेंगी। कई ट्रेनों को आंशिक रूप से निरस्त किया गया है तो कई परिवर्तित रूट से चलेंगी। अमृतसर स्टेशन पर निर्माण कार्य के कारण इस रूट की कई ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। इनमें मुख्य रूप से चंडीगढ़-अमृतसर इंटरसिटी 19 जुलाई से 31 जुलाई तक निरस्त रहेगी।
सहरसा-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस, अमृसर-दरभंगा जननायक एक्सप्रेस, हरिद्वार-अमृतसर जनशताब्दी एक्सप्रेस, रावी एक्सप्रेस, कर्मभूमि एक्सप्रेस, नई दिल्ली-जलंधर सिटी एक्सप्रेस भी निरस्त रहेगी। इसके अलावा 21 पैसेंजर ट्रेनों को भी निरस्त रखने का निर्णय लिया गया है। इनमें मुख्य रूप से जालंधर-पठानकोट पैसेंजर, अमृतसर-पठानकोट पैसेंजर, हिसार-लुधियाना पैसेंजर, अमृतसर-हिसार पैसेंजर शामिल हैं।
इंटरलॉकिंग के कारण 21 ट्रेनें आंशिक रूप से भी निरस्त कर दी गई हैं। इनमें मुख्य रूप से नई दिल्ली-अमृतसर शताब्दी, जो मनवाला स्टेशन तक ही चलेगी। इसके अलावा शान-ए-पंजाब ट्रेन ब्यास-अमृतसर के बीच निरस्त रहेगी।
हावड़ा-अमृतसर सहारनपुर तक ही चलेगी। शहीद एक्सप्रेस अंबाला स्टेशन से आगे नहीं जाएगी। अजमेर शताब्दी भी फगवाड़ा स्टेशन से ही संचालित होगी। कानपुर सेंट्रल-अमृतसर एक्सप्रेस लुधियाना तक चलेगी। इसके अलावा आठ पैसेंजर ट्रेनें गंतव्य से पहले ही समाप्त होंगी तो 15 ट्रेन गंतव्य से पहले प्रारंभ होंगी।
कई ट्रेनों को परिवर्तित रूट से भी चलाने का रेलवे ने निर्णय लिया है। परिवर्तित रूट से चलने वाली ट्रेनों में मुख्य रूप से मूरी एक्सप्रेस, दिल्ली-पठानकोट सुपर फास्ट एक्सप्रेस, दुर्ग-जम्मूतवी, अहमदाबाद-कटरा एक्सप्रेस, भठिंडा-जम्मूतवी एक्सप्रेस शामिल है।