कागज में ही विलुप्त हो गया फुटओवर ब्रिज
गणेश नगर के लोगों का कहना है कि सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने के वह मोहताज हो गए हैं। गणेश चौक पर फुटओवर ब्रिज न होने के कारण लोगों को तेज रफ्तार गाड़ियों के बीच से होकर सड़क पार करनी पड़ती है। इस दौरान कई लोग दुर्घटना का शिकार भी हो जाते हैं। लोगों ने बताया कि फुटओवर ब्रिज पहले सेंक्शन था, लेकिन उसे कैंसिल कर दिया गया। इस तरह पैदल पार पथ कागजों में ही कहीं गायब हो गया।
करीब 30 साल से कॉलोनी में रह रहा हूं। यहां पानी की सबसे बड़ी समस्या है। पीने का पानी गंदा आ रहा है। इससे छोटे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। जेई को फोन करते हैं तो उनकी ओर से भी कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है। समस्याओं में सीवर ब्लॉकेज भी सबसे ऊपर है। -कमल किशोर गुप्ता, प्रधान, साउथ गणेश नगर मार्केट
बड़े, बूढ़े, बच्चों के लिए मोहल्ले में पहले डिस्पेंसरी थी, वो भी बंद करा दी गई। अभी उन्हें पांडव नगर, पटपड़गंज या मयूर विहार जाना पड़ता है। जिन लोगों के पास पैसे नहीं हैं, वो अब कहां जाएंगे। एमसीडी को समस्या बताते हैं तो वह नेता से बात करने को कहती है। यह बड़ी गंभीर समस्या बन गई है। -राहुल शर्मा
गणेश चौक के पास बहुत अतिक्रमण है। यहां फुटओवर ब्रिज बनना था, वो भी नहीं बना। सड़क के पास दो ठेके हैं। शाम को लोग शराब लेकर यहां वहां खड़े हो जाते हैं। बहन-बेटियों का उस रास्ते से गुजरना मुश्किल हो जाता है। हर खंभे पर केबल वालों ने तार का जाल डाल रखा है। -शिव कुमार त्यागी
नालियां बहुत गंदी हैं। इससे दुकानदार बड़े परेशान हैं। ऐसे माहौल में काम करने की स्थिति नहीं बन पाती है। विधायक, निगम पार्षद आदि कहते हैं कि समस्या का समाधान हो जाएगा। शिकायत करने पर सभी इसको बोलेंगे, उसको बोलेंगे कहकर बात को टाल देते हैं। - योगेश कुमार गुप्ता
यहां समस्याओं का अंबार है। शिकायत करने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकलता है। पार्किंग की भी बड़ी दिक्कत है। साइकिल तक खड़ी नहीं कर सकते, गाड़ी तो दूर की बात है। जनसंख्या की दृष्टि से समस्या व निवारण का अनुपात बेहद कम है। -एकता अग्रवाल