दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के बीच जहरीली होती हवा से 80 प्रतिशत घरों में कम से कम एक व्यक्ति बीमार या परेशान है। 40 प्रतिशत घरों में चार या इससे ज्यादा लोग प्रदूषण से प्रभावित हुए हैं। यह डाटा हाल ही लोकल सर्कल्स की ओर से किए गए सर्वे में सामने आया है। सोशल प्लेटफार्म के जरिये सर्वे के लिए जाने वाली इस एजेंसी ने दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद से 53,000 से ज्यादा प्रतिक्रियाएं लीं। इनमें 61 पुरुष और 39% महिलाओं ने अपनी राय दी।
सर्वे में लोगों से पूछा गया कि उनके घर के कितने सदस्य हाल के चार हफ्तों में खराब हवा की वजह से परेशान हुए। इस सवाल का जवाब देने वाले 18,253 लोगों में से 36 फीसदी ने बताया कि उनके घर में चार या उससे ज्यादा लोग बीमार पड़े। 21 फीसदी ने कहा कि दो से तीन लोग प्रभावित हुए और 21 फीसदी घरों में एक सदस्य को स्वास्थ्य समस्याएं हुईं। दीपावली के बाद से दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग की परत छाई हुई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक ज्यादातर खराब से बहुत खराब श्रेणी में रही है और कई दिनों में यह गंभीर स्तर तक पहुंच गई है। प्रदूषण के इस बढ़ते असर से लोगों की सांस, आंखों और गले से जुड़ी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
तेज बयार से राजधानी के प्रदूषण में आया कुछ सुधार
राजधानी में हवा की तेज गति से वायु प्रदूषण में कुछ कमी आई है। शनिवार सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे के बीच आसमान में स्मॉग की हल्की चादर भी दिखाई दी। कम दृश्यता के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 305 दर्ज किया गया जो यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें शुक्रवार की तुलना में 64 सूचकांक की गिरावट दर्ज की गई। एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 310 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा में 288, गाजियाबाद में 299 और गुरुग्राम में 262 एक्यूआई दर्ज किया गया। फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही।