दिल्ली विश्वविद्यालय के नामी श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स की 16वें बिजनेस कॉन्क्लेव के दूसरे दिन छात्रों को बिजनेस लीडर बनने, जीवन में ऊंचाइयों को छूने, गलतियों से सीख कर आगे बढ़ने के मंत्र मिले। विभिन्न वक्ताओं ने उन्हें अपने-अपने अनुभवों के माध्यम से अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखने की सलाह दी। दूसरे दिन मुख्य वक्ताओं के रूप में पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु व राजनीति टिप्पणीकार व नीति विश्लेषक संजय बारू के सत्र किन्हीं कारणों से रद हो गए। कार्यक्रम में इस बार अमर उजाला नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभा रहा है।
कॉन्क्लेव के दूसरे दिन वित्तीय लेखा कंपनी एसोसिएशन ऑफ चार्टर्ड सर्टिफाइड अकाउंटेंट (एसीसीए) के एसोसिएट डायरेक्टर कुश अहूजा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि गलतियों से सीखें और आगे बढ़ें। बदलाव में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए। बस आपको अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखने की जरूरत है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वह शुरू से ही कठिन मेहनत पर विश्वास करते हैं अपनी पढ़ाई करने से लेकर करियर में आगे बढ़ने के लिए इसी मंत्र को अपनाया है। वित्तीय योग्यता होने से छात्रों के पास कई करियर के कई विकल्प खुल सकते हैं।
कॉन्कलेव के सत्र के दौरान छात्रों ने उनसे सवाल भी किए। क्या कंपनियों को जल्दी जल्दी छोड़कर नौकरी को बदला जा सकता है। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बदलाव करने पर वह भी डरे थे लेकिन उन्हें अपनी क्षमताओं पर भरोसा था। बदलाव से डरना नहीं चाहिए। बस आपको अपनी क्षमताओं पर विश्वास बनाके रखना होगा। अपने जीवन में अलग-अलग चीजें अजमाते रहें। आपसे गलतियां भी होंगी लेकिन यह सोचें कि मैं यह कर सकता हूं या कर सकती हूं। यदि आपमें असुरक्षा है और आप कम उपलब्धि वाले हैं तो आपको कड़ी मेहनत की जरुरत होगी, इससे आपको पहले से बेहतर विकल्प मिलते जाएंगे।
समस्या समाधान के लिए देशभर के युवाओं के बीच हुई प्रतियोगिता
युवा दिमाग की परख और देश की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए डीयू के एसआरसीसी में देशभर के युवाओं के बीच एक खास प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 180 डिग्री कंसल्टिंग एसआरसीसी की ओर से आयोजित केस 180-2024 प्रतियोगिता में दिल्ली विश्वविद्यालय, आईआईएम और आईआईटी के छात्रों ने हिस्सा लिया। देश के प्रमुख संस्थानों से इसमें रिकॉर्ड तोड़ आठ हजार से ज्यादा छात्रों ने पंजीकरण कराया। कार्यक्रम में अमर उजाला ने एक्सीलेंस पार्टनर की भूमिका निभाई।
प्रतियोगिता में छात्रों ने अपनी विश्लेषण करने और समस्या समाधान जैसी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। पहले प्रबंधन परामर्श संस्करण में नॉलेज पार्टनर्स कैपजेमिनी, न्यूजेन, प्राइमस पार्टनर्स और ईईएसएल के तैयार कराए व्यावसायिक परिदृश्यों को शामिल किया गया। इसमें प्रतिभागियों को उद्योग जगत के दिग्गजों के सामने आने वाली चुनौतियों को समझने का अवसर दिया गया।
तीसरे नीति परामर्श संस्करण में प्रतिभागियों की नीति निर्माण की समझ का मूल्यांकन किया गया। इसके बाद एक प्रश्नोत्तरी सत्र चला। फिर, ऑनलाइन राउंड और आखिर में ग्रैंड फिनाले राउंड का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान हरेक संस्करण के विजेताओं को खिताब देकर सम्मानित किया गया। साथ ही वित्तीय पुरस्कार भी मिला। इसमें संयुक्त रूप से करीब तीन लाख रुपये छात्रों को दिए गए। आयोजकों के मुताबिक, प्रतियोगिता में छात्रों के परामर्श कौशल को देखते हुए इन्हें वित्तीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है।