सिग्नेचर ब्रिज हंगामा मामले में दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी सोमवार को बयान दर्ज कराने अपराध शाखा के कार्यालय नहीं पहुंचे। दो अन्य शिकायतकर्ता भी नहीं आए। अधिकारियों का कहना है कि तीनों ने ही अपराध शाखा कार्यालय न आने की कोई सूचना नहीं दी थी। तीनों को बयान दर्ज कराने के लिए फिर से बुलाया जाएगा।
अपराध शाखा के डीसीपी डॉ. रामगोपाल नायक ने बताया कि तीनों की शिकायत पर दर्ज मामले में तीनों को ही बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। तीनों को नोटिस जारी करने के दौरान उनकी सुविधा के हिसाब से सलाह-मशविरे के बाद सोमवार का समय तय किया गया था। इनके बयान दर्ज होने के बाद ही तय होगा कि किस-किस आरोपी से पूछताछ की जाए।
गौरतलब है कि सिग्नेचर ब्रिज हंगामा मामले में उत्तर-पूर्वी जिले के सांसद मनोज तिवारी की शिकायत पर न्यू उस्मानपुर थाने में केस दर्ज किया गया था। इसमें अरविंद केजरीवाल समेत आप के ओखला से विधायक अमानतुल्ला खान समेत कई को नामजद किया गया था। रिपोर्ट हत्या के प्रयास, मारपीट, आपराधिक साजिश, गलत तरीके से रास्ता रोकने और धमकी देने की धाराओं में है।
दूसरा मामला मुखर्जी नगर निवासी भाजपा कार्यकर्ता बीएन झा की शिकायत पर न्यू उस्मानपुर थाने में दर्ज किया गया था। इसमें अमानतुल्ला खान के अलावा बुराड़ी से आप विधायक संजीव झा और अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। तीसरा मुकदमा आप कार्यकर्ता तौकीर की शिकायत पर न्यू उस्मानपुर थाने में मनोज तिवारी व अज्ञात भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज किया गया है। तीनों ही मामलों की जांच अपराध शाखा को सौंपी गई थी।