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चुनाव आयोग में AAP विधायकों की याचिका खारिज होने पर बीजेपी-कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा

Sun, 25 Jun 2017 09:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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निर्वाचन आयोग का आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों के लाभ के पद के मामले में आए आदेश को लेकर भाजपा हमलावर हो गई है। भाजपा नेताओं ने आयोग के आदेश का स्वागत करते हुए आप विधायकों का नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र मांगा है। तिवारी का कहना है कि आयोग के आदेश के बाद आप के दोषी विधायकों को अपने पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है। इसके अलावा भाजपा नेताओं ने निर्वाचन आयोग से इस मामले में अंतिम फैसला जल्द देने की मांग की। 
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शनिवार कसे दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने अपने निवास पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आयोग का निर्णय आने के बाद अब आप विधायकों के पास कोई रास्ता नहीं बचा है। इस कारण उन्हें नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोग त्राहि-त्राहि कर रहे है। इस कारण जनता आप के 21 विधायकों को नहीं, बल्कि समस्त 65 विधायकों को हराने का मन बना चुकी है। 

इसकी बानगी राजौरी गार्डन विधान सभा क्षेत्र के चुनाव के साथ-साथ तीनों नगर निगम के चुनाव में मिल चुकी है। बवाना विस क्षेत्र के होने वाले उपचुनाव में भी आप को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। इस मौके पर भाजपा विधायक ओमप्रकाश शर्मा व जगदीश प्रधान, प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव बब्बर, मीडिया प्रभारी प्रवीन शंकर कपूर भी उपस्थित थे।      
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माकन ने भी की इस्तीफे की मांग

Ajay Makan
आप विधायकों के लाभ के पद मामले में कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर निशाना साधा है। पार्टी ने भारतीय निर्वाचन आयोग के उस फैसले को सही बताया है जिसमें आप पार्टी के विधायकों की ऑफिस ऑफ प्रॉफिट को लेकर चुनाव आयोग के सामने चल रही सुनवाई को निरस्त करने के आवेदन को नामंजूर किया है।    
   
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने आयोग के फैसले को सही ठहराते हुए आप के 20 विधायकों से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की है। अजय माकन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह वही आम आदमी पार्टी है जिसने अपनी राजनीतिक पार्टी का नाम आम आदमी के नाम पर रखा था, लेकिन दिल्ली की सत्ता में आने के पश्चात वे आम न रहकर खास बन गए और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने मंत्रियों के अलावा 21 विधायकों को मंत्रीतुल्य सुविधाएं देकर वीआईपी का दर्जा दे दिया। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि 2006 में उनके खिलाफ ऑफिस ऑफ प्रॉफिट की एक शिकायत मात्र दी गई थी, जिसको लेकर उन्होंने लोकसभा सदस्य से इस्तीफा दे दिया था।      
 
माकन ने कहा कि आप पार्टी के 20 विधायक इसलिए इस्तीफा नहीं दे रहे क्योंकि उनको पता है कि यदि दोबारा चुनाव हुए तो उनको बुरी हार का सामना करना पड़ेगा। हाल ही में हुए एमसीडी चुनावों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 21 विधानसभाओं में से एक भी विधानसभा में आप पार्टी चुनाव नहीं जीती है। 20 विधानसभाओं में चुनाव होते है तो कांग्रेस कम से कम 15 विधानसभाओं पर जीत हासिल करेगी।       
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