रेप की घटनाओं पर दिए बयान से विवादों में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को यहां कि उनके बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया। उन्होंने कहा था कि इस प्रकार के मामलों की जांच और अध्ययन के बाद 80 प्रतिशत घटनाएं आपस में जानने वालों से जुड़ी हुई निकलती हैं।
उन घटनाओं में क्या होता है, कौन करता है, कैसे करता है, ऐसा कभी नहीं कहा। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि समाज में अगर कोई विकृति है तो उसका सबको मिलकर मुकाबला करना चाहिए। गौरतलब है कि सीएम ने शुक्रवार को पंचकूल में कहा था रेप जैसी ज्यादातर घटनाएं परिवार के जानकारों के बीच में होती हैं।
80-90 प्रतिशत रेप के मामलों में आरोपी और पीड़िता एक दूसरे को जानते हैं। इसके बाद दोनों के बीच किसी दिन कोई अनबन होती है और लड़की जाकर एफआईआर करा देती है कि मेरा रेप हुआ है। इस बयान की चहुंओर निंदा हो रही है।
कांग्रेस महिला मोर्चा ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और कहा कि भाजपा सरकार सत्ता में आने के बाद महिला सुरक्षा में किस कदर नाकाम रही है इसका सबूत खुद उनकी सरकार की एक रिपोर्ट से मिलता है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगते हुए बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।