प्रदूषण नियंत्रण की हकीकत और मंत्री का बयान
प्रदूषण दिल्ली की एक गंभीर समस्या है, जिसका समाधान खोजना किसी भी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है। मंत्री सिरसा के बयान से यह स्पष्ट होता है कि वे प्रदूषण के पूर्ण उन्मूलन को एक अल्पकालिक लक्ष्य के रूप में नहीं देखते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं दिल्ली के लोगों से माफी मांगना चाहता हूं और यह कहना चाहता हूं कि किसी भी सरकार के लिए नौ-10 महीनों में प्रदूषण को पूरी तरह से खत्म करना असंभव है।' यह बयान स्वीकारोक्ति के साथ-साथ जमीनी हकीकत को भी दर्शाता है।
आप सरकार पर निशाना
मंत्री सिरसा ने अपने बयान में अप्रत्यक्ष रूप से आम आदमी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, हालांकि, मैं दिल्ली के निवासियों को यह आश्वासन देना चाहता हूं कि हमने आम आदमी पार्टी सरकार की तुलना में हर दिन एक्यूआई को कम करने के लिए अथक प्रयास किया है। यह बयान दिल्ली में प्रदूषण की समस्या को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी को भी दर्शाता है, जहां विभिन्न दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहते हैं।
पेट्रोल-डीजल पर प्रतिबंध
वहीं सिरसा ने यह जानकारी भी दी कि 18 दिसंबर से राजधानी में बिना पीयूसी के किसी भी वाहन को पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा। वाहन चालकों के पास पीयूसी बनवाने के लिए केवल आज और कल का दिन शेष है, गुरुवार से यह नियम पूरी तरह लागू हो जाएगा। नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई ट्रक कंस्ट्रक्शन मटेरियल लाता हुआ पाया गया तो संबंधित वाहन को सीज किया जाएगा और उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली के बाहर से आने वाले BS-6 मानक से नीचे के वाहनों पर अगले आदेश तक प्रतिबंध जारी रहेगा।