दिल्ली विधानसभा सत्र शुरू होते ही जमकर हंगामा हुआ। भाजपा विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिए गए नोटिस के तहत विधानसभा अध्यक्ष को हटाए जाने की मांग की तो सदन में हंगामा शुरू हो गया। विपक्ष के अन्य सदस्य भी सदन में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लिए जाने वाले पारित प्रस्ताव को बदलने पर हंगामा करने लगे। इसके चलते नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता, भाजपा विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा और जगदीश प्रधान को दिन भर के लिए सदन से बाहर कर दिया गया। 15 मिनट के लिए विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
सिरसा को मार्शल से बाहर करने के आदेश देने के बाद भी सिरसा वेल में पहुंचकर अपनी मांगें रखने लगे। सदन के स्थगन के दौरान सिरसा ने जमकर हंगामा किया व बाहर जाने को तैयार नहीं हुए। मार्शल जब उन्हें जबरन बाहर निकालने लगे तो सिरसा ने अपना पांव कुर्सी में फंसा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पगड़ी को उछालने का प्रयास किया गया। सदन से बाहर जाते वक्त उन्होंने कहा कि मारो मुझे जितना मारना है मारो। काफी मशक्कत के बाद मार्शल ने उन्हें उठा कर बाहर किया। इस दौरान सत्ता पक्ष के विधायक पूरे दृश्य को अपने मोबाइल में कैद करने में जुटे हुए दिखे।
सिरसा को दो सत्र के लिए सदन से बाहर करने का प्रस्ताव पेश
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने प्रस्ताव पेश कर भाजपा विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा को तीन सत्र के लिए सदन से निष्कासित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि सिरसा सिर्फ ड्रामा करते हैं। अध्यक्ष के आदेश के बावजूद वह वेल में पहुंचकर हंगामा करते रहे। उनकी पगड़ी किसी ने नहीं उछाली, वह ड्रामा कर यह कहते रहे कि हाय मेरी पगड़ी मत उछालो। सिरसा धर्म का इस्तेमाल करते हैं। इसे सदन को गंभीरता से लेना चाहिए। भारद्वाज ने मार्शलों पर भी आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा कि सिरसा को बाहर करने के अध्यक्ष के आदेश के बाद भी मार्शल उनसे अपील कर रहे थे। ऐसा लग रहा था कि दिल्ली पुलिस के ये मार्शल दिल्ली सदन का प्रतिनिधि नहीं बल्कि केंद्र सरकार का प्रतिनिधि कर रहे है।
सिरसा मामले को विधानसभा अध्यक्ष ने विशेषाधिकार समिति को सौंपा
पेश प्रस्ताव पर विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने पहले तो कहा कि भारद्वाज इस प्रस्ताव को वापस कर ले। उन्होंने कहा कि छोटन को अपराध, बड़न को माफी। लेकिन सत्ता पक्ष के विधायकों की मांग को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने बाद में कहा कि हम इसे विशेषाधिकार समिति को सौंपते हैं। विपक्ष पर निशाना साधते हुए गोयल ने कहा कि उनका रवैया काफी निंदनीय है। विपक्ष के नेता ही मंच पर खड़े होकर हंगामा करते हैं तो उनके विधायकों से क्या उम्मीद की जा सकती है।
नेता प्रतिपक्ष ने गले में तख्ती लगा कर दर्ज कराया विरोध
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता गले में तख्ती लगाकर विरोध दर्ज कराते दिखे। तख्ती पर लिखा था कि कांग्रेस से गठजोड़ करने के लिए आप ने सदन का प्रस्ताव बदला। शर्म करो, शर्म करो। सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि जिस तरह विधानसभा में राजीव गांधी मामले में प्रस्ताव बदला गया, वह सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आप कांग्रेस के साथ चुनावी गठजोड़ करना चाहती है। इसीलिए ऐसा किया गया। सदन सर्वोपरी है, पारित प्रस्ताव को बुलेटिन से कैसे बाहर किया जा सकता है।
आज से ज्यादा दुखद दिन ना हुआ और ना होगा : सिरसा
भाजपा विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है आज से ज्यादा दुखद दिन ना हुआ है और ना होगा। ट्वीट कर उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली विधानसभा में देश के हर सिख का अपमान हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष के कहने पर मार्शलों ने मेरी पगड़ी पर हाथ डाला और मेरी पगड़ी उतारी गई। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कांग्रेस के नक्शे कदम पर चलकर सिखों के साथ दुश्मनी निभा रहे हैं। क्या सदन में सिखों की बात करना गलत है। आप विधायक जरनैल सिंह व सौरभ भारद्वाज की उपस्थिति में मैने बार-बार कहा कि मेरा पगड़ी मत उतारो। मैं अध्यक्ष से बात करने के लिए गया था कि कांग्रेस सिखों की कातिल है। आठ हजार सिखों को तेल डालकर मार दिया गया। लेकिन मार्शल ने मुझे जबरन बाहर किया। इस दौरान मेरी पगड़ी हाथ में आ गई, बाथरूम जाकर मुझे पगड़ी ठीक करनी पड़ी।