दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को एक पत्र लिखकर जुलाई में दसवीं और बारहवीं की शेष परीक्षाएं कराने के फैसले पर रोक लगाने की अपील की है।
उन्होंने कहा है कि दिल्ली में कोरोना की स्थिति को देखते हुए सीबीएसई का परीक्षाएं कराने का फैसला सही साबित नहीं होगा। उन्होंने इसके पहले भी छात्रों को उनके पूर्व के प्रदर्शन के आधार पर पास करने की अपील की थी।
सिसोदिया ने कहा है कि अनुमान है कि जुलाई माह में कोरोना का संक्रमण तेजी के साथ सामने आ सकता है। इस दौरान किसी छात्र के घर पर किसी व्यक्ति के संक्रमित होने की स्थिति में उसके परीक्षा में भाग लेने पर संकट आ सकता है।
साथ ही इस स्थिति में परीक्षा केंद्र आने से अन्य बच्चों के भी संक्रमित होने की आशंका हो सकती है।
शिक्षा मंत्री ने कहा है कि इस दौरान अगर दिल्ली में संक्रमण की स्थिति बहुत ज्यादा बिगड़ती है, तो स्कूलों को भी कोरोना वार्ड के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में परीक्षा केंद्रों को बनाने पर भी संकट आ सकता है।
सिसोदिया इसी तरह की मांग 28 अप्रैल को निशंक के साथ शिक्षा मंत्रियों की बैठक में भी उठा चुके हैं।
इसके पहले, सीबीएसई की दसवीं और 12वीं की बाकी 29 मूल विषयों की परीक्षाओं को आयोजित कराने के लिए एक जुलाई से 15 जुलई तक का समय निर्धारित किया गया था।
इसके लिए सीबीएसई जरूरी तैयारियों में भू जुट गया था। लेकिन जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ने पर मनीष सिसोदिया ने आपत्ति जताई है, आशंका जाहिर की जा रही है कि सीबीएसई की परीक्षाएं एक बार फिर टल सकती हैं।