दिल्ली सरकार के स्कूलों की ऑनलाइन कक्षाओं को वैश्विक मान्यता मिली है। दिल्ली का लर्निंग मैटेरियल 20 देशों में देखा जा रहा है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को इस कामयाबी के लिए दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की बधाई दी है। सिसोदिया का कहना है कि दिल्ली सरकार के शिक्षकों का ऑनलाइन शिक्षा कंटेंट विश्वस्तरीय है। विषम हालातों व बेहद कम समय में शिक्षकों ने इस तरह के कंटेंट तैयार कर दिल्ली का मान बढ़ाया है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि कि कोरोना महामारी के दौरान दिल्ली के शिक्षकों ने डिजिटल कक्षाओं का नया शिक्षा मॉडल खड़ा कर दिखाया है। यह राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी महत्व रखता है। विश्व के जिन लगभग 20 देशों में हमारे ई-लर्निंग मैटेरियल को देखा जा रहा है, उनमें अमेरिका, इंगलैंड, जर्मनी, सिंगापुर, न्यूजीलैंड, कनाडा, मलेशिया, रूस, फिलिपिंस के साथ ही हमारे पड़ोसी देश भी शामिल हैं।
लॉकडाउन के बाद 6 अप्रैल 2020 को बारहवीं की ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की गई थीं। इसमें 60 शिक्षकों द्वारा 11 विषयों की पढ़ाई शुरू की गई थी। शिक्षा निदेशालय ने बेहतर शिक्षकों की पहचान करके ऑनलाइन कक्षाएं लगाने तथा उन्हें इंटरैक्टिव बनाने की जिम्मेदारी दी थी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा का सामान्य प्रशिक्षण के साथ शिक्षकों ने नवाचार किया और सफलता दिखाई। इनमें आकर्षक पीपीटी, इंटरैक्टिव वीडियो और डिजिटल बोर्ड जैसे तरीकों का उपयोग किया गया।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर से मिल रहे सकारात्मक फीडबैक से शिक्षकों का मनोबल काफी बढ़ा है। इससे उन्हें अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की प्रेरणा मिल रही है। फिलहाल बारहवीं के लिए 132 शिक्षकों द्वारा 16 विषयों की ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। कक्षा 11 के बच्चों के लिए 12 विषयों की पढ़ाई हो रही है। इसके अलावा कोरोना से सावधानी के उपाय, सांप्रदायिक सद्भाव, पर्यावरण जागरूकता जैसे विषयों पर भी महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित किया गया।
कोरोना काल में बढ़ा आन लाइन का चलन
कोरोना संकट और लॉकडाउन के कारण मार्च 2020 में स्कूलों को अचानक पूरी तरह बंद करना पड़ा। दिल्ली सरकार ने बच्चों का शैक्षिक नुकसान कम-से-कम रखने के उद्देश्य से तत्काल ऑनलाइन शिक्षा का निर्णय लिया। शिक्षकों ने लॉकडाउन शुरू होने के 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन कक्षाओं का प्रयोग शुरू कर दिया। जुलाई 2020 से यूट्यूब चैनल पर ऑनलाइन क्लासेज भी शुरू हो गईं। कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं के लिए दो अलग-अलग कोर एकेडमिक यूनिट नामक यूट्यूब चैनलों पर कक्षाएं हो रही हैं। इस चैनल की साप्ताहिक दर्शक संख्या सात लाख से भी अधिक है। इसके साथ ही कक्षा 10 तक के छात्रों के लिए रोज विषयवार वर्कशीट्स भी व्हाट्सप्प के जरिये भेजी जाती है।