भाजपा ने दिल्ली सरकार के शिक्षा में सुधार के दावे को हवा-हवाई बताया है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में छात्रों को नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा में अपेक्षाकृत कमजोर छात्रों को फेल किया जा रहा है और इस प्रकार केवल मजबूत छात्रों को अगली कक्षा में ले जाकर बच्चों का पास प्रतिशत ज्यादा दिखाने की कोशिश हो रही है। पार्टी का यह जवाब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कमजोर छात्रों को मुफ्त कोचिंग की सुविधा देने का एलान किया था।
भाजपा से जुड़े शोध संस्थान पीपीआरसी के निदेशक सुमीत भसीन ने अमर उजाला से कहा कि आरटीआई से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि नवीं और ग्यारहवीं कक्षा में बच्चों को रोका जा रहा है। यह बच्चों के शिक्षा के अधिकार के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि इस तिकड़म के बाद भी दिल्ली सरकार के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे इतने भी अंक नहीं ला पा रहे हैं कि उन्हें दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रवेश मिल सके।