सिसोदिया के मुताबिक, इसमें शिकायत मिलने पर 21 मार्च को मंत्री ने दो दिन के भीतर विभाग से ओटीपी का पूरा डाटा देने को कहा। इस पर अधिकारियों का कहना था कि ओटीपी जारी करना बंद कर दिया गया है।
वहीं, डाटा देने में करीब दस दिन लगा दिए। अब आंकड़ों के शुुरुआती जांच से पता चला है कि मार्च में ओटीपी से करीब 41,000 परिवारों को राशन दिया गया। इसमें एक ही मोबाइल नंबर पर 499 ओटीपी भेजकर राशन जारी हुआ। इसी तरह कुछ मोबाइल पर 200, 172, 155, 110 ओटीपी जारी किए गए। सिर्फ 11 मोबाइल पर 1500 ओटीपी जारी हुए।
सिसोदिया का आरोप है कि खुले आम राशन की चोरी हो रही है। उपराज्यपाल को इसके बारे में कई बार लिखा गया। लेकिन मौजूदा सिस्टम उपराज्यपाल को भी अच्छा लग रहा है और अधिकारियों को भी।
उपराज्यपाल न तो फूड कमिश्नर आरके मीणा को हटा रहे हैं और डोर स्टेप योजना भी लागू नहीं होने दे रहे हैं। सिसोदिया का आरोप है कि दिल्ली में कांग्रेस व भाजपा के लोग राशन की दुकानें चला रहे हैं।