जानकारी के अनुसार, 18 फरवरी 2014 को बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास स्थित एक मिठाई की दुकान पर नीरज जलेबी खरीदने पहुंचा था। उसने दुकानदार से कतार में खड़े अन्य ग्राहकों से पहले जलेबी देने की मांग की। जब विक्रेता ने ऐसा करने से इनकार कर दिया तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि नीरज ने पहले विक्रेता को थप्पड़ मारा और फिर पिस्तौल निकालकर बेहद करीब से उसके सिर में गोली मार दी।
घायल विक्रेता को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल के पास ही पकड़ लिया। उसके कब्जे से एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस भी बरामद हुआ।
सजा पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि दोषी किसी अन्य आपराधिक मामले में शामिल नहीं रहा है, मुकदमे के दौरान वह लगातार न्यायिक हिरासत में रहा और उसके सुधार की संभावना भी है। साथ ही उसके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने माना कि यह मामला 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' की श्रेणी में नहीं आता। इसके बाद अदालत ने दोषी को हत्या के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई।