मैं पिछले आठ महीने से घर नहीं जा सका हूं। रोज दस घंटे ऑफिस में बिताने के बाद अक्सर खाना कभी रास्ते में खा कर आता तो कभी किसी रेस्त्रां से मंगा लेता लेकिन, घर का खाना बहुत मिस कर रहा था। मेरे बॉस ने बताया कि बिहार की कोई भी पसंदीदा डिश अगर खानी है तो कल मेरे साथ चल। बॉस के साथ जब मैं यहां आया तब मुझे एहसास हुआ कि गुड़गांव आने के बाद जिस खाने को मैं मिस कर रहा था बिहार के उस पारंपरिक खाने को लेकर अब तक कोई गंभीर पहल हुई ही नहीं थी। यह बात गुड़गांव में रहने वाले बिहार के मोहित रंजन ने मगध एंड अवध रेस्त्रां के बारे में बताई। इसके बाद जब हम इस रेस्त्रां की पड़ताल करने पहुंचे तो मोहित की बातें तो सच साबित हुईं ही, साथ ही कुछ चैंकाने वाले तथ्य भी सामने आए।
मगध एंड अवध रेस्त्रां के मालिक विजय गौतम पटना के रहने वाले हैं। उन्होंने बीटेक की पढ़ाई के बाद मारुति सहित कई मल्टीनेशनल कंपनियों में काम किया लेकिन, तीन साल के बाद जॉब छोड़ने का फैसला किया। मोटी सैलरी वाली नौकरी छोड़ उन्होंने गुड़गांव जैसे अत्याधुनिक शहर में बिहार के पारंपरिक खान पान को परोसने के अपने आइडिया पर काम किया और मगध एंड अवध के नाम से अपने रेस्त्रां की शुरुआत की।
विजय ने बताया कि जब उन्होंने अपने रेस्त्रां में मिलने वाले व्यंजनों की ऑनलाइन डिलिवरी और प्रमोशन के लिए जोमैटो कंपनी से संपर्क किया तो कंपनी ने उनके रेस्त्रां में परोसे जाने वाले कुजीन (व्यंजनों) को अपनी सर्च लिस्ट में डालने से इनकार कर दिया।
23 देशों में ऑनलाइन रेस्त्रां सर्च और डिलेवरी सेवा प्रदान करने वाली जोमैटो कंपनी ने विजय को बताया कि बिहारी व्यंजन जैसी कोई कुजीन होती ही नहीं। नॉर्थ इंडियन, साउथ इंडियन या पंजाबी कुजीन तो लोग जानते हैं, लेकिन बिहारी कुजीन को हम अपने लिस्ट में जगह नहीं दे सकते।
विजय ने हिम्मत नहीं हारी और कंपनी को समझाते रहे कि इन व्यंजनों को उत्तर भारत में बड़ी संख्या में लोग खाते और पसंद करते हैं। इन्हें बिहारी व्यंजन ही कहा जाता है। विजय के जोर देने के बाद जोमैटो ने बताया कि उनके कुजीन की लिस्ट 23 देशों में एक साथ देखी और सर्च की जाती है, इसलिए बिना जांच के इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता।
हालांकि, जोमैटो ने विजय के सुझाव पर विचार करने की बात स्वीकार कर ली। करीब दस दिन बाद जोमैटो की ओर से विजय को बताया गया कि मगध एंड अवध के व्यंजनों को एक अलग कुजीन सेक्शन में रखते हुए इसे 'लखनवी और बिहारी कुजीन' का नाम देना स्वीकार कर लिया गया है।
विजय बिहारी व्यंजनों को कुजीन का दर्जा दिलाने में कामयाब हो गए हैं और अब वो अपने रेस्त्रां के बेसमेंट में बार शुरु करने की तैयारी में लग गए हैं। उनके रेस्त्रां में आपको बिहारी खाने का स्वाद ही नहीं बिहार की गौरव गाथा की झलक भी देखने को मिलेगी।
लिट्टी-चोखा और अलसी के पराठे के स्वाद के साथ रामधारी सिंह दिनकर से लेकर दशरथ मांझी, बिखारी ठाकुर सहित शॉट गन शत्रुघ्न सिन्हा की तस्वीरों के साथ इतिहास में उनके योगदान के बारे में भी आप जान सकते हैं।
गुड़गांव के सेक्टर 29 में बने मगध एंड अवध रेस्त्रां के बेसमेंट में प्रवेश करते ही आपको डांस फ्लोर दिखेगा जहां सिर्फ भोजपुरी गानों की ही धुन सुनाई पड़ेगी।