उपचार के बाद 24 जून को रॉबिन को डिस्चार्ज कर दिया गया। 26 जून को रॉबिन की फिर से तबीयत बिगड़ी। परिजन उसे मंगलम और नवीन अस्पताल ले गए। उन्होंने सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। रात 8:20 बजे पर उसे सीएचसी दादरी ले जाया गया।
यहां जो दवा दी गई, वह मरीज के पास पहले से मौजूद थी। रात 9:30 बजे उसे जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। प्राथमिक जांच के मुताबिक, मामला कोरोना से संबंधित होने का कोई तथ्य नहीं मिला है। दादरी तहसीलदार मामले की जांच कर रहे हैं।
रोबिन भाटी की मौत के लिए जिम्मेदार हॉस्पिटलों पर कार्रवाई हो- श्याम सिंह
समाजवादी पार्टी के जिला प्रवक्ता श्याम सिंह भाटी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में जो भी अस्पताल दोषी हैं। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और उनके लाइसेंस भी निरस्त होने चाहिए। रॉबिन भाटी की मौत तेज बुखार से हुई है, लेकिन जिला प्रशासन के अधिकारी शराब की बात बीच में लाकर उसकी छवि खराब कर रहे हैं।