-पुलिस ने शिकायतकर्ता युवक व उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया, मकान मालिक से प्रॉपर्टी खाली कराने को लेकर कोर्ट में चल रहा था विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रॉपर्टी विवाद में मकान मालिक को फंसाने के लिए एक शख्स ने सोनीपत के दोस्तों के साथ मिलकर खुद ही अपनी जांघ में गोली मार ली। बाद में मकान मालिक पर गोली चलाने का शक जाहिर कर दिया। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की तो पूरी साजिश से पर्दा उठ गया।
पुलिस ले शिकायतकर्ता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मुख्य आरोपी व साजिशकर्ता चांदनी चौक निवासी अविनाश कुमार (42), इसके सहयोगी शिव काॅलोनी, सोनीपत, हरियाणा निवासी दीपक कुमार (28) और गांव गढ़ी बाला ,कुंडली, सोनीपत हरियाणा निवासी लोकेश दहिया (30) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल एक पिस्टल, दो मैगजीन, 14 कारतूस और स्कोर्पियो गाड़ी बरामद की है। अविनाश का अपने मकान मालिक से घर खाली करने को लेकर विवाद चल रहा था। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। मकान मालिक से समझौते के नाम पर मोटी रकम वसूलने के लिए पूरी साजिश रची गई।
उत्तरी जिला के पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने बताया कि 10 मई की रात को कूचा बुलाकी बेगम, साइकिल मार्केट, चांदनी चौक निवासी अविनाश कुमार ने पीसीआर कॉल की थी। पीड़ित ने बताया कि वह घर पर मौजूद था। इस बीच उसके घर में पिस्टल लेकर एक युवक घुसा और धमकी देने के बाद उसे गोली मार दी।
पुलिस को घटना स्थल से दो खोखे बरामद हुए। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया। करीब 200 सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस जांच करते हुए आईएसबीटी कश्मीरी गेट पहुंची। यहां से पुलिस को एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी का पता चला। उसमें सवार दो लोग वहां से निकले थे। छानबीन के बाद सोनीपत से 15 मई की सुबह दीपक व लोकेश को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने पूरी साजिश का खुलासा किया।
अविनाश का मकान मालिक उससे अपना मकान खाली करवाना चाहता था। अविनाश काफी समय से वहां रह रहा था। इसलिए वह मकान खाली नहीं कर रहा था। मामला कोर्ट में पहुंचा तो अविनाश ने अपना दिमाग चलाकर पूरी साजिश रची। उसने दीपक व लोकेश को पैसों का लालच देकर वारदात में शामिल किया।
घटना वाले दीपक अपनी गाड़ी से लोकेश कश्मीरी गेट पहुंचा। दीपक ने लोकेश को पिस्टल दी। वह ऑटो में सवार होकर अविनाश के घर पहुंचा। अंदर पहुंचने के बाद उसने अविनाश को पिस्टल दी। इसके बाद अविनाश ने खुद ही पिस्टल से दो गोली चलाकर घायल किया। बाद में पुलिस ने पिस्टल भी बरामद कर ली।