तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा सुनाई है। आरोपी ने 2023 में बच्चों के गले पर चाकू रखकर उन्हें जान से मारने का डर दिखाकर महिला के साथ उसके ही बच्चों के सामने ही दुष्कर्म किया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रियंका भगत ने दोषी पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने कहा कि आरोपी की कम उम्र उसे राहत देने का आधार नहीं बन सकती। जिस बर्बरता से उसने एक असहाय महिला को उसके बच्चों के सामने डराया-धमकाया और अपराध को अंजाम दिया, उसमें किसी तरह की नरमी की गुंजाइश नहीं है। इस मामले में नबी करीम थाना में मामला दर्ज हुआ था।
अभियोजन के अनुसार, 10 अगस्त 2023 की रात पीड़िता के पति ने शराब के नशे में झगड़ा कर उसे और उसके तीन छोटे बच्चों को घर से निकाल दिया था। अगले दिन सुबह करीब साढ़े चार बजे महिला एक चाय की दुकान पर बैठी थी, तभी आरोपी हाथ में चाकू लेकर वहां पहुंचा और उसे जबरन अपने साथ चलने को कहा।
विरोध पर उसने बच्चों की जान से मारने की धमकी दी। ममता के चलते मजबूर हुई महिला आरोपी के साथ गली में गई, जहां उसके साथ आरोपी ने दुष्कर्म किया। इसी दौरान आरोपी के दो नाबालिग साथी भी मौके पर पहुंचे। उनमें से एक ने भी पीड़िता के साथ दरिंदगी की, जबकि दूसरा वहां मौजूद रहा।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आरोपी ने न सिर्फ महिला की अस्मिता को ठेस पहुंचाई, बल्कि उसके बच्चों के सामने क्रूरता की सारी सीमाएं पार कर दी। विरोध करने पर उसने पीड़िता की बेटी के पेट पर चाकू रखकर जान से मारने की धमकी दी। अदालत ने पीड़िता के बयान को पूरी तरह विश्वसनीय मानते हुए कहा कि ऐसे मामलों में पीड़िता की गवाही ही दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त हो सकती है।