नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट ने 2020 में 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के एक दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा है कि वह किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अदिति गर्ग ने कहा कि कानून, अंतरराष्ट्रीय घोषणाओं और न्यायिक फैसलों में बार-बार इस बात पर जोर दिया गया है कि बच्चे एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति हैं। यही नहीं, राष्ट्र का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि उसके बच्चे कैसे बड़े होते हैं और कैसे विकसित होते हैं। ऐसे में अदालत ने पीड़िता को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया। संवाद