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फांसी होने के डर से कार में नहीं रखी थी ज्यादा चरस 

Sat, 12 Oct 2019 05:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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गिरफ्त में रंजन प्रताप सिंह - फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान कैडर की आईएएस के पति अमित सावन की कार में चरस रखने वाले रंजन प्रताप सिंह (44) को कानून की अच्छी जानकारी है। उसने कार में चरस नाप-तौल कर रखी थी। उसके मन में डर था कि ज्यादा चरस रख देगा तो अमित सावन को फांसी हो जाएगी। 

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वह अमित सावन को जेल तो भिजवाना चाहता था, मगर उसे फांसी के फंदे पर चढ़ाना नहीं। उधर, रंजन प्रताप सिंह को चरस देने वाले सलमान को पकड़ने के लिए लोदी कॉलोनी थाने की कई पुलिस टीमें अलीगढ़ व आसपास के इलाके में दबिश दे रही हैं।

दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि रंजन ने यूपी के अलीगढ़ से सिर्फ 550 ग्राम चरस मंगवाई थी। उसका मानना था कि अमित सावन जेल चला जाएगा तो उसकी महिला आईएएस से बातचीत शुरू हो जाएगी। 
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आईएएस ने उससे करीब 8 महीने से बात करना बंद कर दिया था। रंजन का कहना है कि उसकी महिला आईएसए से वर्ष 2000 में मंसूरी में फाउंडेशन कोर्स के दौरान मुलाकात हुई थी। दोनों ने कोर्स एक साथ किया था। रेंक कम आने के कारण रंजन प्रताप का सीआईएसएफ में सलेक्शन हुआ था। इसके बाद भी वे कई बार मिले थे। रंजन ने शिनाख्त परेड (टीआईपी) कराने से इनकार कर दिया है। 

पुलिस के पास चाबी बनाने वाले व्यक्ति समेत कुछ प्रत्यक्षदर्शी हैं, जिन्होंने उसे कार में चरस रखते देखा था। पुलिस उनसे रंजन की टीआईपी कराना चाहती थी। चाबी बनाने वाले से रंजन ने कहा था कि उसकी कार की चाबी खो गई है।

लोदी कॉलोनी थाना पुलिस ने राजस्थान कैडर की महिला आईएसए के पति अमित सावन की कार में चरस रखने के आरोप में सीआईएसएफ के कमांडेंट रंजन प्रताप सिंह और उसके वकील साथी नीरज चौहान को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया था। रिमांड खत्म होने के बाद रंजन को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर दे दिया है।

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