राजन श्रीवास्तव कई सालों से निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा कर रहे हैं। इसका एक उदाहरण इनके द्वारा चलाई जा रही निशुल्क ओपीडी है जिसमें प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों का इलाज किया जा रहा है। यही नहीं पांच रुपये में प्रतिदिन साढ़े सात सौ लोगों को भोजन भी करा रहे हैं।
सही मायने में देखा जाए तो राजन श्रीवास्तव देश की आजादी का सही मायने लोगों को समझा रहे हैं। अन्यथा इस नगरी में हजारों उद्यमी व व्यापारी वर्ग हैं। जिन्होंने शायद ही कभी मलीन बस्तियों में जाकर ऐसा काम किया होगा जो बिना सोचे समझे राजन श्रीवास्तव कर रहे हैं।
यह किए काम
- महिला सशक्तीकरण के लिए काम कर रहे हैं। महिलाओं को कंप्यूटर शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बना रहे हैं।
- दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर उपलब्ध कराने का बीड़ा भी इन्होंने उठाया हुआ है।
- डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियां बढ़ते देख इन्होंने फॉगिंग के जरिये मच्छरों के खिलाफ जंग छेड़ी है।
- जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए इन्होंने एंबुलेंस भी उपलब्ध कराई है।