मंगलवार को कोर्ट में पेशी से पहले दीपक ने थाने में फांसी लगा ली। परिजनों ने उसकी मौत पर संदेह जताया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के अलावा मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। मामले में लापरवाही बरतने पर थाने के एक एसआई और तीन एएसआई को निलंबित कर दिया गया, जबकि एक इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, दीपक परिवार के साथ गली नंबर-9, शिव विहार फेस-5, करावल नगर में रहता था। परिवार में चाचा श्याम सुंदर, चाची नीतू, चार चचेरी बहनें व एक सगी बड़ी बहन थी। दीपक चाचा के साथ एक दुकान पर काम करता था। 17 जुलाई 2017 को दीपक ने पड़ोस में रहने वाली 12वीं कक्षा की छात्रा के साथ बदसलूकी और छेड़छाड़ की थी। पीड़िता ने करावल नगर थाने में शिकायत कर दी थी। पुलिस मामला दर्ज कर तभी से उसकी तलाश कर रही थी।
इधर, कोर्ट ने दीपक के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी कर दिया था। कोर्ट उसे भगोड़ा घोषित करने की तैयारी कर रही थी। सोमवार को कोर्ट में उसकी तारीख थी। चाचा श्याम ने समझा-बुझाकर उससे कोर्ट चलने के लिए कहा था। दीपक कोर्ट चला भी गया था, लेकिन कोर्ट में पेशी के दौरान ही करावल नगर थाने में तैनात एसआई संदीप ने उसे हिरासत में ले लिया। उसे करावल नगर थाने लाया गया।
चाचा श्याम का आरोप है कि थाने में उसे बुरी तरह पीटा गया। श्याम के साथ भी थाने में बदसलूकी हुई। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार सुबह 10 बजे दीपक थाने के एक कमरे में अकेला था, इसी दौरान उसने फांसी लगा ली।
'एएसआई सतीश, जसबीर व रामबीर और एसआई संदीप को निलंबित कर दिया गया है, वहीं इंस्पेक्टर नरेंद्र को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं।' -डॉ. अजीत कुमार सिंगला, उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त