सूरजकुंड डेथ वैली में बुधवार शाम डूबे ऋषि गुप्ता, मिलन गुप्ता और पवन गुप्ता के शव बृहस्पतिवार को नौसेना के गोताखोरों ने ढूंढ निकाला। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद तीनों के शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिए।
बृहस्पतिवार सुबह शव की खोज करवाने डेथ वैली पहुंचे ऋषि गुप्ता के चचेरे भाई योगेश गुप्ता ने बताया कि संगम विहार गुप्ता कॉलोनी में रहने वाले पवन गुप्ता, मिलन गुप्ता, अंकित गुप्ता, मोना गुप्ता, मोनू गुप्ता, अजय गुप्ता और संतोष गुप्ता बुधवार को खोरी गांव में प्लॉट खरीदने लिए जमीन देखने आए थे।
एक प्रॉपर्टी डीलर से बातचीत करने के बाद लौट रहे सभी दोस्तों ने रास्ते में एक ठेके से बियर खरीदी। बियर पीने के दौरान पवन गुप्ता ने अरावली की मनमोहक झील देखने का प्रस्ताव रखा। पवन पहले भी अरावली की झीलों में मौज मस्ती करने आ चुका था। सभी दोस्त बाइक से मानव रचना यूनिवर्सिटी के सामने स्थित डेथ वैली चले गए।
साथी अंकित गुप्ता ने बताया कि रास्ते में एक चरवाहे ने खूनी झील की तरफ नहीं जाने के लिए आगाह किया था लेकिन उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। सबसे पहले ऋषि गुप्ता झील के किनारे पहुंचा।
इसी दौरान उसका पैर फिसला और वह झील में डूबने लगा। उसे बचाने में मिलन और पवर्शी डूब गए। चौथा युवक भी आगे बढ़ा तो वहां मौजूद लोगों ने डांटा कि तीन तो गए अब तू भी जाएगा। यह सुनकर बाकी सब पीछे हो गए। एसएचओ सूरजकुंड इंस्पेक्टर पंकज ने बताया कि पुलिस को काफी देर से इस घटना की सूचना मिली थी।
हादसा करीब 4 बजे हुआ जबकि सूचना 6 बजे मिली। पुलिस ने रात को इन्हें ढूंढा लेकिन नहीं मिले। सुबह इनके शव पानी से निकाले। परिजनों ने किसी पर कोई शक जाहिर नहीं किया है। पोस्टमार्टम की सामान्य कार्रवाई की गई है।