बातों-बातों में उसने गार्ड रूम से ऑडी की चाबी चुरा ली। इसके बाद तीनों वहां से चले गए। कुछ देर बाद तुलसीराम को कोठी के बाहर खड़ी ऑडी के हॉर्न की आवाज आई। उसने देखा कि उससे नौकरी मांगने वाला शख्स व दो अन्य व्यक्ति कार में बैठे हैं।
सिक्योरिटी गार्ड ने लोगों को एकत्रित कर कार में बैठे आशीष आनंद को पकड़ लिया, जबकि साथी फरार हो गए। सीआर पार्क थानाध्यक्ष एके सिंह के नेतृत्व में एसआई अविनाश, हवलदार नाथूलाल व जगदीश और सिपाही सुनील की टीम ने आशीष को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी आशीष ने बताया कि वह यू-ट्यूब से महंगी गाड़ी चलाना और चुराना सीखते थे। इसी तरीके से इन्होंने डिफेंस कॉलोनी से दो कारें चुराई थीं। वसंत कुंज से भी एक कार चुराई थी। ये डिमांड पर महंगी कार चुराते थे। कार को चुराने के बाद कंडम कार के कागजात खरीदकर व चेसिस और इंजन नंबर बदलकर आगे बेच देते थे।