जुबेर जब लोकनायक अस्पताल पहुंचे तो काफी देर बाद उन्हें इमरान (35), उसके छोटे भाई इकराम (33) और चचेरे भाई समीर (20) की मौत मिलने की जानकारी मिली।
जुबेर के अनुसार, इमरान कई साल से यहां काम कर रहा था। उसने कभी यहां की खामियों के बारे में किसी को नहीं बताया। न ही कोई चर्चा की। कुछ समय पहले उसने अपने छोटे भाई को यहां नौकरी पर बुला लिया था। इमरान और इकराम के अलावा उनके दो चचेरे भाई भी यहां नौकरी कर रहे थे। इन चार में से तीन की मौत हो चुकी है।