दोस्तों संग गया था क्लब
उत्तरी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह घटना 10 अक्तूबर की देर रात सराय रोहिल्ला थाना क्षेत्र में अशोक पार्क मेट्रो स्टेशन के पास स्थित टोर हाउस नाइट क्लब में हुई। मृतक दलजीत के परिवार में पत्नी पूजा, आठ साल का बेटा और पिता हैं। उत्तरी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार दलजीत पांच-छह दोस्तों के साथ पार्टी करने नाइट क्लब गया था। इसी दौरान जरा सी बीयर क्लब प्रबंधक की पत्नी पर गिर गया, जिसके बाद कहासुनी शुरू हो गई। इसके बाद बाउंसरों को बुलाकर इतना मारा कि उसने दम तोड़ दिया।
माफी मांगते रहे पर नहीं पसीजा दिल
दलजीत और उसके दोस्तों ने माफी मांगते हुए उन्हें रोकने की गुहार लगाई, लेकिन आरोप है कि क्लब के कर्मचारियों ने लाठियों और कांच की बोतलों से उनकी पिटाई जारी रखी। दलजीत के दोस्त सन्नी ने कहा कि जब हमने वहां से भागने की कोशिश की, तो बाउंसर उन्हें घसीटकर वापस क्लब के अंदर ले गए और फिर से पीटा।
चेहरा ढकने के बाद पानी डाला था
दोस्तों ने बताया कि हमलावरों ने दलजीत का चेहरा ढकने के बाद उस पर पानी भी डाला। पिटाई से दलजीत को गंभीर चोटें आईं। उसकी हालत बेहद खराब हो गई थी। उसके दोस्तों निशु और पवन समेत अन्य लोगों ने किसी तरह उसे क्लब से बाहर निकाला और रघुवीर नगर स्थित उसके घर ले गए। हालत बिगड़ने के बाद उसकी पत्नी और दोस्त उसे गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घर से पत्नी का फोन आया था
सन्नी ने बताया कि हम लोगों के घर छोड़ने के कुछ देर बाद उसे दलजीत की पत्नी का फोन आया कि वह हिल-डुल नहीं रहा है। हम उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसने कहा कि हमने सीसीटीवी फुटेज देखी है और वह भयावह थी। दलजीत को बुरी तरह पीटा गया। उसके साथ ऐसा करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। मृतक के दोस्तों ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने हमसे नकदी और दो मोबाइल फोन छीन लिए। पुलिस मामले की जांच के तहत इन आरोपों की भी पड़ताल कर रही है।
सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई दर्दनाक घटना
दोस्तों ने बताया कि नाइट क्लब में लगे सीसीटीवी कैमरों में मारपीट की घटना दर्ज हुई है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने क्लब का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) जब्त कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है, ताकि घटनाक्रम का पता लगाने के साथ मारपीट में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान उन्होंने पुलिस नियंत्रण कक्ष को फोन किया था, लेकिन पुलिस की एक गाड़ी क्लब के बाहर आई और जांच किए बिना वहां से चली गई।