रेलवे और बीएचईएल में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर आठ युवाओं से 64 लाख रुपये ठगी की गई। शिकायत पर पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रवीन श्रीवास्तव निवासी ग्वालियर (मध्य प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से एक लैपटॉप, पैनड्राइव और कुछ फर्जी कागजातों के अलावा रेलवे और बीएचईएल के कई वरिष्ठ अधिकारियों के विजिटिंग कार्ड बरामद किए गए हैं।
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि 15 अक्तूबर को ग्रेटर नोएडा, गौतमबुद्ध नगर निवासी नीरज गौतम ने लक्ष्मीनगर थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। नीरज ने बताया कि उसे और उसके सात साथियों को रेलवे और बीएचईएल में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर ठगी की गई। लक्ष्मीनगर और शकरपुर थाने की संयुक्त टीम ने एसीपी वीरेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में आरोपी की तलाश शुरू की। रविवार को आरोपी को पहाड़गंज के एक होटल से दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने सभी बेरोजगारों को आठ लाख रुपये में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया था। सारी रकम अलग-अलग मौकों पर ली गई। किसी को शक न हो इसके लिए आरोपी एक-एक कर सभी लड़कों को इलाहाबाद ले गया। वहां उनसे फॉर्म भरवाने की औपचारिकताएं पूरी करवाने के बाद एक होटल में परीक्षा कराई।
इसके बाद आईकार्ड, डिपार्टमेंट में नियुक्ति, सर्विस बुक के लिए भी फॉर्म भरवाए गए। बाद में पीड़ितों को नियुक्ति पत्र देकर दिल्ली भेज दिया गया। यहां आने पर उन्हें ठगी का पता चला तो मामले की शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।