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Malviya Nagar Fire: 400 मीटर दूर था फायर स्टेशन, फिर भी 20 मिनट देर से पहुंची मदद; गोल्डन मिनट्स हुए बर्बाद

Sat, 06 Jun 2026 06:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

हैरानी की बात यह है कि घटनास्थल से महज 400 से 500 मीटर दूर स्थित गीतांजलि फायर स्टेशन से तत्काल दमकल नहीं भेजी जा सकी।
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राहत कार्य में करीब 20 अहम मिनट बर्बाद हो गए। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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मालवीय नगर के हौज रानी स्थित फ्लोरिश स्टे बीएंडबी होटल में लगी भीषण आग के दौरान राहत कार्य में करीब 20 अहम मिनट बर्बाद हो गए। हैरानी की बात यह है कि घटनास्थल से महज 400 से 500 मीटर दूर स्थित गीतांजलि फायर स्टेशन से तत्काल दमकल नहीं भेजी जा सकी।

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अधिकारियों के अनुसार, बुधवार सुबह आग लगने के समय स्टेशन की एक फायर टेंडर जौनपुर इलाके में कचरे में लगी आग बुझाने गई हुई थी। वहीं दूसरी गाड़ी उपलब्ध होने के बावजूद उसे चलाने के लिए पर्याप्त कर्मचारी मौजूद नहीं थे। ऐसे में सबसे नजदीकी फायर स्टेशन प्रभावी मदद नहीं पहुंचा सका। दमकल विभाग भी कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। बताया जा रहा है कि  9,123 पदों की आवश्यकता के मुकाबले 6,600 से अधिक पद खाली हैं।

चीफ फायर ऑफिसर एके मलिक के अनुसार, सुबह 7:34 बजे जौनपुर के जवाहर कॉलोनी क्षेत्र में आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद गीतांजलि फायर स्टेशन से फायर टेंडर एसडब्ल्यूटी-25 को वहां भेजा गया, जो सुबह 9:55 बजे वापस लौटा। 
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अधिकारियों का कहना है कि यही स्टेशन की प्रमुख परिचालन गाड़ी थी। नतीजतन मालवीय नगर होटल अग्निकांड में शुरुआती मदद नेहरू प्लेस और भीकाजी कामा प्लेस फायर स्टेशनों से पहुंची, जो घटनास्थल से क्रमशः करीब सात और आठ किलोमीटर दूर हैं।

इन दोनों स्टेशनों से कुल चार दमकल गाड़ियां भेजी गईं। स्थानीय लोगों ने सुबह करीब 8:48 बजे आग की सूचना दी थी, लेकिन पहली दमकल गाड़ियां 9:10 से 9:15 बजे के बीच मौके पर पहुंचीं। तब तक आग इमारत के बड़े हिस्से में फैल चुकी थी और कई लोग भीतर फंसे हुए थे। 

पूर्व डीएफएस निदेशक अतुल गर्ग कहते हैं कि आग लगने के बाद शुरुआती मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इन्हें फायर सर्विस में “गोल्डन मिनट्स” कहा जाता है। इसी दौरान त्वरित कार्रवाई से आग को फैलने से रोका जा सकता है और फंसे लोगों को बचाने की संभावना बढ़ जाती है।

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