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आखिर कैसे सुरक्षित सफर कर पाएंगी महिलाएं, धड़ल्ले से चलते हैं पुरुष 

Tue, 02 May 2017 05:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद

सार

नोट: खबर की फोटो भी है*---- 
महिला कोच में जांच के नाम पर की जा रही है खानापूर्ति 
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-दिल्ली और हरियाणा पुलिस के जवान निडर होकर करते हैं सफर 
-आरपीएफकर्मी देखकर कर देते हैं अनदेखा, अनजान में बैठे व्यक्ति को पकड़कर लूटते हैं वाहवाही
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विस्तार
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कुरूक्षेत्र और करनाल के बीच पिछले दिनों एक महिला से हुए गैंगरेप की घटना के बाद भी आरपीएफकर्मी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। नई दिल्ली से पलवल और पलवल से नई दिल्ली को जाने वाल शटल गाडिय़ों की महिला कोच में जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
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बड़ी संख्या में पुरुष यात्री सफर करते हैं और आरपीएफ उन्हें देखकर अनदेखा करती है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर महिलाएं कैसे सुरक्षित सफर कर सकती हैं। बता दें कि पलवल से नई दिल्ली और नई दिल्ली से पलवल के बीच करीब 44 शटल और लोकल गाडिय़ां आती जाती हैं।

सुबह और शाम के वक्त पीक आवर्स में शटल ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं होती। ऐसे में बड़ी संख्या में पुरुष यात्री जबरन महिला कोच में चढ़ जाते हैं। हैरानी की बात ये है कि स्टेशन पर उक्त कोच को अटेंड तक नहीं किया जाता। आरपीएफ पूरी तरह से अनदेखी करती है। ऊपर से फटकार लगने के बाद अनजान में बैठे व्यक्ति को पकड़कर वाहवाही लूटती है।
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खाकी वालों के खिलाफ नहीं करती कार्रवाई: 
पलवल से नई दिल्ली और नई दिल्ली से पलवल तक बड़ी संख्या में दिल्ली हरियाणा पुलिस के जवान महिला कोच में बगैर किसी रोक टोक के सफर करते हैं लेकिन आरपीएफ उनके खिलाफ कार्रवाई करने को तैयार नहीं होती। उन्हीं को देखकर अन्य यात्री भी महिला कोच में सवार हो जाते हैं। उधर आरपीएफ प्रभारी मुकेश कुमार का कहना है कि समय समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है।
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