डेंगू को लेकर सरकार भले ही स्थिति नियंत्रण में होने का दावा कर रही है, लेकिन इस साल जनवरी से लेकर अब तक की बात करें तो सर्वाधिक मामले 362 इसी माह के बीते 19 दिनों में सामने आए हैं। जनवरी व फरवरी में एक-एक, मार्च में 4, अप्रैल में 2, मई में 3, जून में 11, जुलाई में 18, अगस्त में 52 और सिंतबर माह में 190 मरीज पंजीकृत हुए हैं। इससे दिल्ली में डेंगू की प्रत्येक महीने में स्थिति स्पष्ट पता चल रही है।
डेंगू-मलेरिया का केंद्र बना मुखर्जी नगर
निगम की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में इन दिनों मच्छर जनित रोगों का प्रकोप ज्यादा दिखाई दे रहा है। यहां बीते एक सप्ताह में सबसे ज्यादा मलेरिया और डेंगू के मामले अस्पतालों में दर्ज हुए हैं। मुखर्जी नगर के 7 को डेंगू और 5 लोगों को मलेरिया हुआ है। ठीक यही हालत रोहिणी, चांदनी चौक, केशवपुरम और नरेला की है। ये सभी इलाके पश्चिमी दिल्ली नगर निगम के अधीन आते हैं।
बगैरह सलाह के सिरदर्द की गोली न खाएं मरीज
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएन कालरा का कहना है कि दिल्ली में मच्छर जनित रोगों का प्रकोप चल रहा है। ऐसे में कई बार लोग सिरदर्द होने पर केमिस्ट के यहां जाकर सिरदर्द की गोली ले लेते हैं। जबकि वे शायद नहीं जानते कि अगर डेंगू की स्थिति में उन दवाओं का सेवन किया जाए तो ये मरीज के लिए जानलेवा भी हो सकती है। इस स्थिति से बचने के लिए बेहतर होगा कि बगैर चिकित्सीय परामर्श दवाओं का सेवन नहीं करें। दिल के रोगियों को खासतौर पर अपना बचाव करने की जरूरत है।