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स्वच्छ भारत अभियान की तीसरी वर्षगांठ, नहीं मिला कोई यमुना की सुध लेने वाला

Mon, 02 Oct 2017 09:44 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आईटीओ पुल पर यमुना में यू जा रहा कचरा - फोटो : अमर उजाला
देश के समस्त राज्यों समेत राजधानी में भी सोमवार को स्वच्छ भारत अभियान की तीसरी वर्षगांठ मनाई जाएगी। इस संबंध में सभी संबंधित विभाग विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रहे है। मगर एक भी विभाग ने स्वच्छ भारत अभियान की पूर्व संध्या पर यमुना नदी की सुध लेना मुनासिब नहीं समझा।


 
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दिल्ली में यमुना घाट की सूरत - फोटो : अमर उजाला
यमुना नदी के करीब-करीब तमाम घाटों की स्थिति रविवार को बदहाल दिखाई दी। घाटों पर चारों ओर मां दुर्गा की मूर्तिओं, पूजा सामग्री, कूड़ा और अन्य सामान बिखरा हुआ है।

दुर्गा पूजा संपंन होने के बाद शनिवार को श्रद्धालुओं ने यमुना नदी के घाटों पर बड़ी संख्या में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया था। इसके चलते यमुना नदी के घाटों पर चारों ओर गंदगी पड़ी हुई है। क्योंकि श्रद्धालु प्रतिमा विजर्सन के दौरान अपने साथ पूजा सामग्री भी लेकर आए थे।

 
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दूर्गा पूजा के बाद यमुना में विसर्जित की गई मूर्तिया - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा नवरात्र खत्म होने के बाद बड़ी तादाद में लोगों ने पूजा सामग्री यमुना नदी में डालनी आरंभ कर दी है। यमुना नदी के घाटों और यमुना के ऊपर बने पुलों पर पूजा सामग्री का ढ़ेर लग गए है। दरअसल लोगों ने घरों में नौ दिनों तक भगवती की पूजा अर्चना की थी, इस दौरान उनके घरों में काफी पूजा सामग्री एकत्रित हो गई थी। 

अमर उजाला की टीम ने रविवार को यमुना नदी स्थित विभिन्न पुलों और घाटों का निरीक्षण किया, जहां घाटों पर चारों ओर पूजा सामग्री, कूड़ा और अन्य सामान बिखरा हुआ मिला। घाटों पर कहीं लकड़ी की टुकड़े पड़े हुए थे, कहीं बांस की बल्लियां पड़ी हुई थी।
 
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आईटीओ पुल पर यमुना में यूं बहाया जा रहा पूजा का समान और कचरा - फोटो : अमर उजाला
इसी तरह मिट्टी के टूटे हुए बर्तन, रंगबिरंगे कागज, प्लास्टिक की थैलियां, दुर्गा मां की प्रतिमाओं पर चढ़ाई गई चुन्निया, शीशे का कवर चढ़े फोटो पड़े हुए थे। घाटों के किनारे बड़ी संख्या में मां दुर्गा की मूर्ति तैर रही थी।

यमुना नदी के घाटों की स्थिति उसे गंदगी से मुक्त करने के प्रयास का कड़ा झटका है। इसके अलावा प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान को प्रशासन की ओर से हल्के में लेने का प्रमाण है। इतना ही नहीं, प्रशासन पर एनजीटी के आदेश का भी दूर-दूर तक असर है।
 
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