-वार्ड-18 में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और बोरिंग के जरिए जोहड़ में पहुंचेगा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर।
मॉनसून की दस्तक से पहले प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि शहर को डूबने से बचाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। हर साल बारिश के दौरान बादशाहपुर क्षेत्र और आसपास की सड़कों पर होने वाले भारी जलभराव की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए बादशाहपुर जोहड़ पर काम शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बारिश में जलभराव और भूजल स्तर को सुधारना है।
इस दौरान जोहड़ में जमा पुराने और प्रदूषित पानी को पूरी तरह खाली किया जा रहा है। सफाई के बाद इसकी गहराई बढ़ाई जाएगी ताकि इसकी जल संचयन क्षमता में वृद्धि हो सके। इस बार की रणनीति पिछली बार से अलग है शहर की सड़कों पर जमा होने वाले बारिश के पानी को ड्रेनेज सिस्टम के माध्यम से सीधे इस जोहड़ में मोड़ने की तैयारी है। इससे सड़कों पर नदी जैसे हालात नहीं बनेंगे और शहरवासियों को जाम व जलभराव से निजात मिलेगी।
मुकेश जैलदार भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष ने कार्यस्थल का निरीक्षण करते हुए बताया कि यह परियोजना नगर निगम और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के सहयोग से सिरे चढ़ रही है। उन्होंने कहा नगर निगम और जीएमडीए की सहायता से शहर में काम शुरू हो गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि मानसून आने से पहले ड्रेनेज और जोहड़ की कनेक्टिविटी सुनिश्चित कर ली जाए ताकि बारिश का एक-एक कतरा व्यर्थ बहने के बजाय इस्तेमाल में लाया जा सके। वहीं यह भी बताया कि वार्ड-18 का जिक्र करते हुए बताया कि यहां बोरिंग और वर्षा जल संचयन की नई तकनीक अपनाई जा रही है। बादशाहपुर जोहड़ की सफाई से न केवल स्थानीय निवासियों को गंदगी और बदबू से राहत मिलेगी बल्कि मानसून के दौरान होने वाली अव्यवस्था भी खत्म होगी। अधिकारियों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है तो इसे शहर के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा सकता है।