नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने दिल्ली से 2.7 किलोग्राम क्यूरेटेड मारिजुआना के साथ आईआरएस अफसर के बीटेक पास बेटे चैरिश गिडवानी को लखनऊ के गोमतीनगर से गिरफ्तार किया है।
एनसीबी ने रविवार को बताया कि प्रीमियम क्वॉलिटी के मारिजुआना को एक एयर कंप्रेसर में छुपाया गया था। इसे लखनऊ के रहने वाले सी गिडवानी द्वारा लिया जाना था, लेकिन उसे एजेंसी ने 18 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया।
एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि गिडवानी ने बिटकॉइन के जरिये भुगतान किया था और वह बाद में इंस्टाग्राम आईडी से यूएस से मारिजुआना भेजने वाले के संपर्क में आया था। एजेंसी ने दावा किया कि उस शख्स ने पिछले डेढ़ साल से अपने और अपने दोस्तों के लिए नियमित आधार पर ऐसे पार्सल आयात करने की बात को स्वीकार किया है।
मल्होत्रा ने बताया कि वह यूएसए से ड्रग्स मंगवाता था और भुगतान बिटकॉइन के माध्यम से करता था। एनसीबी के अधिकारियों ने बताया कि उसके पास से कुल 2.7 किलोग्राम बड्स जब्त किया गया है। यह नशीला पदार्थ लगभग 5,000 रुपये प्रति ग्राम की दर से बेचा जाता है। अधिकारियों ने बताया कि उसने दिल्ली और बंगलूरू स्थित आपूर्तिकर्ताओं से चरस और मारिजुआना लेने का खुलासा किया है।
चैरिश ने बताया कि अमेरिका में हाई क्वालिटी की ड्रग मिलती है जिसकी कीमत 5 से 8 हज़ार रुपये प्रति ग्राम होती है। उसने बताया कि दिल्ली के अलावा मुम्बई, पूना, गोवा, बंगलुरु और अन्य शहरों में उसके दोस्त भी मारिजुयाना मंगाते थे। दिल्ली में यह हाई क्वालिटी ड्रग सड़क मार्ग से पहुंचाया गया था।
एनसीबी सूत्रों का कहना है कि पकड़ी गई ड्रग की खेप करोड़ों रुपये की है। यह ड्रग संभवतः नेपाल अथवा बांग्लादेश के रास्ते भारत आती है। एनसीबी अब ड्रग मंगाने वाले आईआरएस के बेटे के दोस्तों और उसके लखनऊ व अन्य मेट्रो शहरों में नेटवर्क को खंगाल रही है। इस मामले में जल्द कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।