हजारों लोगों की जान-माल को जोखिम में डालकर शनिवार से बाटा पुल के मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। यातायात मामले में यह शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। लोगों का कहना है कि पुल की मरम्मत कराना अच्छी बात है मगर इस काम से पहले लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है।
मरम्मत के पहले चरण में पीडब्ल्यूडी द्वारा पुल के आंतरिक भाग की शटरिंग की जा रही है। लोहे की बड़ी-बड़ी पाइप पुल के नीचे लगाई जा रही है। यहां किसी भी प्रकार का सुरक्षा इंतजाम नहीं दिखा रहा है। इसी पुल के नीचे काफी बड़ी सब्जी मंडी है। यहां रोजाना हजारों लोग खरीददारी के लिए आते है। शटरिंग करने से पहले न मंडी को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया और न ही लोगों को जागरूक करने की जरूरत समझी जा रही है। अगर किसी कारण बस इस शटरिंग में कोई दिक्कत आई तो इन सभी की जान आफत में आ जाएगी।
यहां के दुकानदारों का कहना है कि शटरिंग से पहले यहां के दुकानदारों और आने वाले ग्राहकों की सुरक्षा का प्रबंधन विभाग को करना चाहिए था। मगर ऐसा नहीं हुआ है। दुकानदारों का कहना है कि यह उनकी रोजी-रोटी का सवाल है नहीं तो यहां ऐसी हालत में दुकान चलाना खतरे से खाली नहीं है। डर तो लगता है मगर क्या किया जाए। वहीं यहां खरीददारी के लिए आने वाले ग्राहकों को कहना है कि सुरक्षा का कम से कम इंतजाम तो करना चाहिए था। मगर जनता की किसको पड़ी है।
बिना ट्रैफिक रोके मरम्मत कार्य शुरू
पुल के ऊपर ड्रिल मशीनों से पुल के फुटपाथ को तोडने का काम शुरू कर दिया गया। ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर 10 जून से 15 जुलाई तक पुल बंद होने की बात कही थी लेकिन निर्माण करने वाली एजेंसी ने वाहनों की आवाजाही रोके बिना ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। इसके चलते दिनभर पुल पर ट्रैफिक की रफ्तार सुस्त रही।
क्या कहा दुकानदारों ने...
बाटा पुल के नीचे सब्जी मंडी लगती है। यहां हजारों की संख्या में ग्राहक आते हैं। जिस प्रकार से यहां शटरिंग की जा रही है उससे सभी के लिए खतरा बढ़ गया है।
...राजेन्द्र
पुल के मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा के जिस प्रकार से इंतजाम होने चाहिए थे वैसा नहीं है। अगर कहीं से भी शटरिंग में किसी प्रकार की दिक्कत हुई तो कई टन लोहा लोगों की जान की मुसीबत बन जाएगा।
ओमवीर सिंह