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सिपाही संदीप हत्याकांड: मुख्य आरोपी धर्मेंद्र साथी समेत गिरफ्तार, पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग गया था रजनीश

Tue, 01 Oct 2024 05:47 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

वारदात के दो दिन बाद सोमवार रात बाहरी जिला पुलिस ने करनाल बाईपास से मुख्य आरोपी धर्मेंद्र सहित रजनीश को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि वारदात के समय ही यदि पुलिस ने सक्रियता दिखाई होती तो दोनाें आरोपी गिरफ्तार हो चुके होते।
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सिपाही संदीप हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नांगलोई में सिपाही संदीप मलिक की कार से कुचलकर हत्या करने के मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। वारदात स्थल पर सिर्फ सिपाही संदीप ही नहीं थे, बल्कि उनके साथ दो अन्य पुलिसकर्मी भी थे। मौके से मुख्य आरोपी कार चालक के साथी रजनीश को दोनों पुलिसकर्मियों ने पकड़ भी लिया था, लेकिन वह अस्पताल में चकमा देकर फरार हो गया।

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वारदात के दो दिन बाद सोमवार रात बाहरी जिला पुलिस ने करनाल बाईपास से मुख्य आरोपी धर्मेंद्र सहित रजनीश को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि वारदात के समय ही यदि पुलिस ने सक्रियता दिखाई होती तो दोनाें आरोपी गिरफ्तार हो चुके होते।

मामले में दर्ज की गई एफआईआर में कई चौकाने वाली बातें सामने आई हैं। मुख्य आरोपी कार चालक धर्मेंद्र उर्फ भंडारे ने अपने साथी रजनीश के उकसाने पर सिपाही को कुचला था। टक्कर लगने के बाद संदीप एक कार से टकरा गए। वह दो कारों के बीच फंस गए। इसके बाद भी आरोपी उन्हें टक्कर मारता रहा। इस दौरान कार के पीछे बाइक सवार दो अन्य पुलिसकर्मी पहुंचे, तब तक काफी देर हो चुकी थी। वहीं आरोपी धमेंद्र अपनी कार छोड़कर फरार हो गया। दोनों पुलिसकर्मियों ने धर्मेंद्र के साथी रजनीश को पकड़ लिया और घायल संदीप को अस्पताल में भर्ती कराया।

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चोरी पर लगाम लगाने के लिए संदीप कर रहे थे गश्त
सिपाही खुशीराम की शिकायत पर नांगलोई थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। बताया गया है कि वह वीना एन्क्लेव, नांगलोई में सिपाही संदीप व सिपाही सचिन के साथ रहते हैं। वह मूलरूप से अलवर, राजस्थान के रहने वाले हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती रणहौला थाने में है। इससे पहले सात माह तक नांगलोई थाने में उनकी तैनाती थी। नांगलोई में रहने के दौरान जब वह बीट नंबर चार वीना एन्क्लेव में बीट ऑफिसर थे तभी उन्होंने संदीप व सचिन के साथ किराये पर घर लिया था। सचिन की तैनाती भी रणहौला थाने में थी। 29 सितंबर की देर रात दो बजे ड्यूटी खत्म कर खुशीराम सचिन के साथ बाइक से अपने फ्लैट पर जा रहे थे, तभी उन्हें संदीप मलिक नांगलोई मेट्रो स्टेशन के पास बाइक से ड्यूटी करते हुए मिले। संदीप ने उन्हें बताया कि उनके बीट एरिया में रात में चोरी की वारदात ज्यादा बढ़ गई हैं। एसएचओ ने उन्हें सादे कपड़ों में बाइक से गश्त करने को कहा है।

रजनीश ने धर्मेंद्र काे उकसाया था
दो बाइक पर सवार होकर तीनों सिपाही जब नांगलोई रेलवे रोड के पास पहुंचे, तब एक सरकारी स्कूल के पास सफेद रंग की वैगनआर को देखा। संदीप ने जब कार के पास जाकर बाइक रोकी तब अंदर दो शख्स शराब पीते हुए दिखाई दिए। चालक सीट पर धर्मेंद्र बैठा था। उन्होंने जब धर्मेंद्र को सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने से मना किया तो उसने कहा कि ज्यादा रोक टाेक क्यों करता है। उसने यह भी कहा कि तेरी औकात क्या है। इस पर संदीप ने दोनों को थाने चलने को कहा, लेकिन धर्मेंद्र तेजी से नांगलोई रेलवे स्टेशन की तरफ चल दिया।

संदीप ने दोनों का पीछा शुरू कर दिया। संदीप को पीछा करते देख खुशीराम व सचिन ने भी पीछा करना शुरू कर दिया। धर्मेंद्र ने जाट धर्मशाला, वीना एन्क्लेव के पास गली में कार रोक दी। तीनों सिपाहियों के वहां पहुंचने पर धर्मेंद्र वहां से भी चल दिया। संदीप ने बाइक तेज चलाते हुए धर्मेंद्र को जब कार रोकने को कहा तब उसने कार नहीं रोकी। बार-बार पीछा करते देख चालक के बगल वाली सीट पर बैठे रजनीश ने तेज आवाज में बोलते हुए कहा कि भंडारे आज इस संदीप पर गाड़ी चढ़ाकर इसे खत्म कर दे। उसके बाेलते ही धर्मेंद्र ने कार की रफ्तार बढ़ाकर संदीप की बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
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