राजधानी में डेंगू के साथ-साथ मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। पिछले सप्ताह डेंगू के 400 से अधिक नए मामले सामने आए। इस माह में डेंगू के मरीजों की संख्या 1000 के आंकड़े को पार कर चुकी है।
वहीं गत सप्ताह मलेरिया के 67 और चिकनगुनिया के 12 मामले सामने आए। इन दोनों बीमारियों के मामलों में इस माह में अत्याधिक रफ्तार देखने को मिली है। यह एक चिंताजनक स्थिति है, क्योंकि इस वर्ष के दौरान किसी भी माह में इन तीनों बीमारियों के इतने मामले नहीं देखे गए। राजधानी में गत सप्ताह डेंगू के 401 मामले मिले और इस माह डेंगू के 1052 मामले सामने आ चुके हैं।
लिहाजा इस साल सामने आए 1630 मरीजों में से 64.5 प्रतिशत को अकेले सितंबर में डेंगू ने अपनी चपेट में लिया। इसी तरह मलेरिया से भी इस माह के दौरान सबसे अधिक लोग ग्रस्त हुए है। इस माह 193 लोग मलेरिया की चपेट में आ चुके हैं, जबकि इस साल मलेरिया के 430 मामले मिले। वहीं इस साल चिकनगुनिया के 55 मामले प्रकाश में आ चुके है, जिनमें से 25 मामले इस माह के दौरान आए।
दूसरी ओर एमसीडी ने मच्छरों के प्रजनन को खत्म करने के लिए जांच व अन्य कार्य तेज कर दिए हैं। गत सप्ताह 10 लाख से अधिक घरों की जांच की। इस दौरान करीब 20 हजार घरों में मच्छरों का प्रजनन मिला। इस कारण एमसीडी ने साढ़े आठ हजार लोगों को नोटिस जारी किए और साढ़े तीन हजार लोगों का चालान किया। एमसीडी के अनुसार, राजधानी में हाल में बारिश का मौसम डेंगू, मलेरिया व चिकनगुलिया के फैलाव के लिए अनुकूल साबित हो रहा है।
एमसीडी की लापरवाही से बढ़ रहे डेंगू के मामले : स्वाति
राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कहा कि एमसीडी की लापरवाही से डेंगू के मामले बढ़ रहे है। वह भी पिछले एक सप्ताह से डेंगू से पीड़ित हैं। स्वाति मालीवाल ने कहा कि हर साल की तरह इस साल भी एमसीडी डेंगू जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम में पूरी तरह से असमर्थ रही है। दिल्ली में जगह-जगह पानी भरा हुआ है और सफाई व्यवस्था दयनीय हालत में है, जिससे मच्छरों का लार्वा बढ़ रहा है।