आरक्षण आंदोलन के नाम पर लूटपाट और हिंसा में जले हरियाणा का सवाल मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उनके मंत्रियों का पीछा नहीं छोड़ रहा है।
वह कहीं भी जाते हैं तो सामने होता है आरक्षण और बलवाइयों के हाथों जले और छले प्रदेश का प्रश्न। इसलिए अब सीएम मनोहर लाल बिना पूछे ही इस मुद्दे पर जवाब देकर सफाई पेश कर रहे हैं।
बुधवार को हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में सीएम इस मुद्दे पर असहज दिखे। इससे पहले कि इस मुद्दे पर मीडिया उनसे सवाल करे, उन्होंने जवाब देना शुरू किया।
मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश दो सप्ताह के कठिन दौर से बाहर निकला है, लेकिन निवेशकों का विश्वास बना हुआ है। दंगों के बाद भी निवेशक सम्मेलन करवाना साहस का काम है। सरकार और जनता दोनों इस संकट से निपट चुके हैं। निवेशक सरकार के साथ खड़े हैं।
इससे पहले वित्त एवं उद्योग मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने उद्योगों से संबंधित सरकार की उपलब्धियां गिनाते-गिनाते बिना पूछे ही दंगों को लेकर जवाब देना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हरियाणा में एक तूफान आया था।
ऐसी साजिश हुई जिसमें हरियाणा का आर्थिक और औद्योगिक जगत ही नहीं प्रभावित हुआ बल्कि सर्व समाज पर इसका असर पड़ा। सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करने वालों की जांच हो रही है।
उद्योगों की सहूलियत के लिए सीएम ने लांच किया पोर्टल
गुड़गांव मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को उद्यमियों की सहूलियत के लिए हरियाणा इंटरप्राइज प्रमोशन बोर्ड का पोर्टल लांच किया। इसके माध्यम से उद्यमी अपनी शिकायतों को सरकार तक सीधे पहुंचा सकते हैं। वहीं विवादों का निपटारा भी यहां किया जाएगा।
हरियाणा के प्रधान सचिव (उद्योग) देवेंद्र सिंह का कहना कि उद्योग जगत की सभी शिकायतों को तय समय में दूर किया जाएगा। इसके लिए हरियाणा में पहली बार इस प्रकार का ऑनलाइन सिस्टम शुरू किया गया है।
यह शिकायत तीन स्तरों पर सुनी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से इस प्रकार की पहल उद्योगों को अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का एक ठोस माध्यम दिया गया है।
जो बिना कहीं गए अपने घर से ही वहां तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं। इस मंच पर पुरानी से पुरानी समस्या, विवाद और शिकायत को दूर किया जाएगा।