गौतमबुद्धनगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा को भाजपा शीघ्र ही प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप सकती है। इससे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष की भी घोषणा होनी है, जिसकी तैयारी की जा रही है। 15 जून से पहले इसकी घोषणा होने की संभावना है।
मालूम हो कि गौतमबुद्धनगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा इस बार रिकॉर्ड 3.36 लाख वोटों से जीते हैं। वह 2014-2019 के कार्यकाल में महेश केंद्र में मंत्री बने थे और तीन-तीन मंत्रालयों का कामकाज देखा था। इतना ही नहीं राज्यमंत्री के साथ ही स्वतंत्र प्रभार भी मिला था। इस बार उन्हें केबिनेट मंत्री बनाए जाने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे उनके समर्थकों में निराशा है। हालांकि विरोधी गुट इससे खुश है।
सूत्रों का कहना है कि भाजपा संगठन इस बार डॉ. महेश को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देना चाहता है। क्योंकि प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय केंद्र में मंत्री बन चुके हैं। चूंकि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी गृह मंत्री का पद संभाल चुके हैं। इससे माना जा रहा है कि पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा होगी, इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष के नाम का एलान किया जाएगा।
पहले अध्यक्ष की कुर्सी संभालो
सूत्रों के अनुसार महेश शर्मा ने केंद्र में मंत्री बनने के लिए प्रयास किए तो उनसे यही कहा गया कि पहले प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालो, इसके बाद जब मंत्रिमंडल में विस्तार होगा तो सोचा जाएगा। साथ ही प्रदेश में 11 सीटों पर उपचुनाव भी होने हैं, लिहाजा प्रदेश भाजपा इकाई इसमें कोई कोताही नहीं बरतना चाहती है।