मंच से सरकार को साफ चेतावनी
महापंचायत ने कहा कि मेहरम नगर का सवाल केवल एक गांव का नहीं बल्कि दिल्ली की ग्रामीण पहचान और तीन सौ साल पुराने इतिहास की रक्षा का है। महापंचायत में आए ग्रामीण नेताओं और प्रतिनिधियों ने मंच से सरकार को साफ चेतावनी दी कि अदालत से मिली अस्थायी राहत पर भरोसा न करे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी झोपड़ी और मकान की एक-एक ईंट बचाने को तैयार हैं और प्रशासनिक दबाव को किसी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे। पंचायत में दिल्ली और हरियाणा के किसान संगठनों, पंचायत प्रतिनिधियों और अनेक सामाजिक संगठनों ने कहा कि यह आंदोलन आगे और तेज किया जाएगा। महापंचायत के फैसले के अनुसार गांव की चौकसी बढ़ा दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर धरना और दिल्ली मार्च भी किया जाएगा।
'मेहराम नगर की एक भी ईंट नहीं हटने देंगे'
इस मौके पर आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज और राज्यसभा सांसद संजय सिंह पहुंचे। भारद्वाज ने कहा कि भाजपा गरीबों को उखाड़ फेंकने पर आमादा है। अनंगपुर गांव की तरह मेहराम नगर में भी भाजपा गुंडागर्दी कर रही है, लेकिन यहां दिल्ली के 36 बिरादरी और 360 गांव खड़े हैं। यह लड़ाई केवल मेहराम नगर की नहीं, बल्कि पूरे दिल्ली गांव-देहात की अस्मिता की है। वहीं संजय सिंह ने भाजपा पर वादाखिलाफी और पूंजीपतियों के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मोदी ने चुनाव से पहले कहा था जहां झुग्गी वहां मकान, लेकिन हकीकत में झुग्गियों और अब 300 साल पुराने गांव पर बुलडोजर चला रहे हैं। भाजपा दिल्ली की बस्तियां तोड़कर अडानी-अंबानी को सौंपना चाहती है। लेकिन हम मेहराम नगर की एक भी ईंट नहीं हटने देंगे।
भाजपा सरकार गरीब-विरोधी और पूंजीपतियों की गुलाम
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मंच से वादा किया कि कांग्रेस गांववालों के साथ खड़ी है। बुलडोजर हमारे ऊपर से होकर जाएगा, तभी एक भी घर टूटेगा। कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में इस संघर्ष को निर्णायक अंजाम तक ले जाएगी। उन्होंने भाजपा सरकार को गरीब-विरोधी और पूंजीपतियों की गुलाम बताते हुए ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तर पर लड़ाई तेज करेगी।