एनएच-2 स्थित गांव कुसलीपुर में निर्माणाधीन गुर्जर भवन में रविवार को गुर्जर महापंचायत का आयोजन हुआ। इसमें हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, यूपी व आसपास के इलाकों के गुर्जर पंचों ने हिस्सा लिया। पंचायत में एक सहमति से सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया।
पंचायत में युवाओं में बढ़ती नशे की लत को रोकने के लिए सभी वर्गों को आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाने की बात कही गई। विवाह शादियों में दिखावे न करके साधारण तरीके से शादियां करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
पंचायत में दहेज लेनदेन पर लगाम कसने का आह्वान करते हुए निर्णय लिया कि यदि इस तरह के प्रचलन को पूरी तरीके से बंद कर दिया गया तो बहन-बेटियां अपनी ससुरालों में सुरक्षित रहेंगी।
पंचायत की अध्यक्षता पूर्व विधायक सुभाष चौधरी ने व संचालन कर्मचारी नेता श्रीपाल भाटी ने किया। इसमें फरीदाबाद से गुर्जर समाज के अध्यक्ष रणवीर चंदीला, गुड़गांव से अंतराम तंवर, भोखंडी से महेश फागना, पूर्व पार्षद महेंद्र भडाना, संजय गुर्जर व संजय फागना सहित गुर्जर समाज के लोग मौजूद थे।
दिल्ली वाले बड़े नेता नहीं माने तो दूध आपूर्ति बंद
पंचायत में कहा गया कि आम लोग तो पंचायती फैसलों की कद्र करते हैं व उन्हें पूरी तरह से मानते हैं, लेकिन बड़े ही उन पर खरे नहीं उतरते।
खासकर दिल्ली के केंद्रीय नेता इन प्रथाओं को बढ़ावा देते हैं, जिस पर पंचों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि केंद्र स्तर के राजनेता पंचायत के नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो दिल्ली में दुध की सप्लाई पर रोक लगा दी जाएगी।