कोटा-बार गुर्जर गांव में गुर्जर समाज के लोगों की रविवार को महापंचायत हुई। इसमें डीजे, शराब व शादी में दहेज पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने का निर्णय लिया गया। साथ ही समाज के युवाओं को शिक्षित करने, व्यवसाय व नौकरियों में रुझान बढ़ाने का भी फैसला किया गया।
इस दौरान जम्मू कश्मीर से आए कार्यक्रम अध्यक्ष खुर्शीद भाटी ने कहा कि पूरे दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा व राजस्थान समेत अन्य क्षेत्रों में भी महापंचायत कर गुर्जर समाज में फैली कुरीतियों को दूर किया जाएगा।
बसपा नेता धर्मपाल पहलवान राठी व इनेलो नेता अनंतराम तंवर के नेतृत्व में महापंचायत हुई। इसमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली व हरियाणा के गुर्जर नेताओं ने मौजूदगी दर्ज कराई। महापंचायत में दहेज लेने व देने, आतिशबाजी, शराब व मांस, डीजे, सामान की लिस्ट पढ़ने, भात न्योतने, मांढा व भट्टी चाकने, दशयारी, गोद भराई व बाराम में 21 आदमियों से ज्यादा न ले जाने समेत गाड़ियां सजाने पर पाबंदी लगाई गई।
इस निर्णय का कोटा, बार गुर्जर, बिस्सर-अकबरपुर, सराय व तावडू़ क्षेत्र के गुर्जर समाज के लोगों ने हाथ उठाकर पूर्ण समर्थन किया। इन गांवों में ग्रामीणों ने शराब के ठेके बंद कराने की बात कही। कोटा गांव के धर्मपाल राठी ने बताया कि गांव की पंचायत ने शराब बिक्री पर पूरी तरह से पाबंदी लगा रखी है। इससे गांव का माहौल सुधरने लगा है। युवा रचनात्मक कार्यों की ओर अग्रसर हो रहे हैं।