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'लोगों की आंखों में ऐसे धूल झोंकते हैं बाबा'

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जादू विशुद्ध रूप से एक कला है। सतही तौर पर देखेंगे तो यह आपको बड़ी आसान लगेगी मगर सैकड़ों लोगों को हैरत में डालने की क्षमता लंबी साधना और संघर्ष के बाद हासिल होती है।
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एक साधारण से दिखने वाले एक्ट में भी भौतिकी, रसायन के नियम और इंसानी फितरत की बारीकियों का इस्तेमाल होता है। आंखों, दिमाग और उपकरणों में गजब का तालमेल बैठाना होता है तब जाकर दर्शक तालियां बजाते हैं।

देश में अपना वजूद खो रही यह विधा जादूगर ओपी शर्मा के हाथों से हर रोज जी उठती है। इन्होंने देश ही नहीं, विदेशों में भी अपने करतब से लोगों का दिल जीता है।
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ओपी शर्मा सीनियर और जूनियर अब तक कुल 36 हजार 525 शो कर चुके हैं। इनमें 2500 से ज्यादा शो विदेश के विभिन्न शहरों में किए हैं।

इन्होंने जहां भी अपना जादू दिखाया, वहां प्रदेश सरकार द्वारा अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया। रविवार को अमर उजाला संवाददाता आशुतोष दुबे की जादूगर ओपी शर्मा से हुई बातचीत के कुछ अंश:

ऐसे करते हैं बाबा का चमत्कार

•सवाल - जो भभूत आप जादू से निकालते हैं, वही कुछ बाबा चमत्कार बता कर भक्तों को देते हैं, यह कैसे होता है ?
जवाब- यह एक प्रकार की तकनीक है, जिसे थोड़े समय में आसानी से सीखा जा सकता है। ऐसे बाबा लोगों की आंखों में धूल झोंकते हैं। लोगों को समझना चाहिए यह कोई चमत्कार नहीं केवल तकनीक का खेल है।

•सवाल - जादू क्या है, आंखों का धोखा या तकनीक।
जवाब - जादू एक कला है। यह लंबे प्रयत्न के बाद सध पाती है। चंद ट्रिक्स सीखने से यह हुनर नहीं आता इसमें कड़ी मेहनत और वक्त लगता है। आपको यह पता होना चाहिए कि आम इंसान चीजों को किस तरह से देखता व समझता है। आप उसे जो दिखाना चाहते हैं उस तक कैसे लेकर जाएं कि वह विश्वास और अविश्वास की भावनाओं में गोता लगाता रहे। यही तो असली चुनौति है।

•सवाल - विदेशों में शो करने में किसी तरह की परेशानी आती है?
जवाब - अब तक 2500 शो विदेशों में किए जा चुके हैं। ये सभी शो विदेश बुलाने पर किए गए। विदेश जाने के दौरान क्रू से सिर्फ तीन चार एक्सपर्ट ही जाते हैं। बाकी का इंतजाम विदेशी ऑर्गनाइजर द्वारा किया जाता है, जिस वजह से ज्यादा परेशानी नहीं होती।
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ऐसे मिलेगा जादूगरों को बढ़ावा

•सवाल - जहां शो करते हैं, वहां प्रदेश सरकार से किसी तरह की मदद मिलती है?
जवाब- जहां भी गए, वहां की सरकार ने सम्मानित किया है। अब तक हजारों की संख्या में अवॉर्ड मिल चुके हैं।
•सवाल- क्या यह कला खत्म होती जा रही है?
जवाब - जादू की कला करना कोई आसान काम नहीं है। सरकार को इसे बढ़ावा देना चाहिए। इस कलाकारी को सरकारी कला के तौर पर भी देखा जाना चाहिए, ताकि उभरते हुए जादूगरों को मौका मिल सके। इसके लिए जादूगरों को सम्मानित करना चाहिए।
•सवाल - अपना आदर्श किसे मानते हैं?
जवाब - पीसी सरकार मेरे आदर्श हैं।
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