एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ रोड के बीच कनेक्टिविटी की आखिरी रुकावट करीब एक साल बाद दूर हो गई है। रेलवे ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से मधुबन बापूधाम योजना में प्रस्तातिव रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण के लिए जनरल अप्रूवल ड्रॉइंग (जीएडी) को मंजूरी दे दी है।
उधर, रेलवे ने आरओबी में अपने हिस्से के निर्माण के लिए जीडीए से 27 करोड़ मांगे हैं। रेलवे ने साफ किया है, कि जीडीए से फंड मिलते ही 10 दिन के अंदर पहले आरओबी का डिजाइन और फिर काम शुरू किया जाएगा।
आरओबी का निर्माण होने से जीडीए की मधुबन-बापूधाम योजना को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। आरओबी का निर्माण होते ही मधुबन-बापूधाम योजना को दिल्ली-मेरठ रोड से सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। जीडीए की ओर से अवस्थापना निधि से आरओबी का निर्माण कराया जाएगा। जीडीए अपने हिस्से के निर्माण पर करीब 36 करोड़ खर्च करेगा।
प्रोजेक्ट को जीडीए के अवस्थापना निधि की बैठक में पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी, केवल उसे रेलवे की मंजूरी का इंतजार था। चार लेन के बनने वाले आरओबी की कुल लंबाई 600 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर होगी। आरओबी का निर्माण सेतु निगम करेगा। बता दें कि आरओबी का निर्माण होने से मधुबन बापूधाम योजना को लाभ होगा। 1234 एकड़ में फैली योजना की दिल्ली-मेरठ रोड से अब तक कोई सीधी कनेक्टिविटी नहीं है। जीडीए की ओर से आने-जाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का निर्माण किया गया है।
आरओबी के निर्माण से मधुबन बापूधाम की बहुमंजिला आवासीय योजना को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। आवासीय योजना में यातायात की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। वहीं, भविष्य में निकलने वाली योजनाओं और बराबर में ही रैपिड ट्रेन का गुलधर स्टेशन होने से मधुबन बापूधाम योजना को लाभ मिलेगा।
दिल्ली-मेरठ रोड से सीधी जुड़ जाएंगी कई कालोनियां
मधुबन बापूधाम योजना में प्रस्तावित आरओबी की नॉदर्न पेरिफेरल रोड से कनेक्टिविटी दी जाएगी। इससे एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ रोड आपस में जुड़ जाएंगे। हरसांव पुलिस लाइन से मधुबन बापूधाम से आने वाला मार्ग सीधा दिल्ली-मेरठ हाईवे से जुड़ हो जाएगा। आरओबी का सीधा लाभ मधुबन बापूधाम के आसपास गोविंदपुरम, स्वर्णजयंतीपुरम, कर्पूरीपुरम, डासना, मसूरी, सदरपुर गांव, बालाजी एंक्लेव सहित अन्य कालोनियों के लोगों को मिलेगा। दिल्ली-मेरठ हाईवे पर जाने के लिए हापुड़ चुंगी लंबा रास्ता तय नहीं करना होगा।
आरओबी के नीचे रेलवे गेट रहेगा मौजूद
रेलवे ने पहले मधुबन बापूधाम में प्रस्तावित आरओबी के साथ नियमों का हवाला देकर अंडरपास के निर्माण की बात कही थी, लेकिन जीडीए अधिकारियों की ओर से मधुबन बापूधाम योजना में कम आबादी व अंडरपास की उपयोगिता नहीं होने की बात रखे जाने पर रेलवे ने बगैर अंडरपास निर्माण के छूट दे दी है। स्थानीय लोगों की सहूलियत के लिए साइकिल, दो पहिया व हल्के वाहनों के लिए अंडरपास के नीचे छोटी क्रॉसिंग होगी।
मधुबन बापूधाम आरओबी के जनरल अप्रूवल ड्रॉइंग को रेलवे ने मंजूरी दे दी है। रेलवे की ओर से डिजाइन तैयार करने और अपने हिस्से का काम शुरू करने के लिए 27 करोड़ की मांग की गई है।
- विवेकानंद सिंह, मुख्य अभियंता, जीडीए