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फिल्म दृश्यम देख बनाया प्लान, गोलियों से मारा दोस्त

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प्रताप विहार निवासी प्रॉपर्टी डीलर वीरेंद्र गुर्जर(35) को पार्टी करने के बहाने साथ ले गए तीन दोस्तों ने शनिवार रात इंदिरापुरम के नीति खंड के पास सड़क किनारे गोलियों से छलनी कर उनकी हत्या कर दी।
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उनकी पीठ पर छह-सात गोलियां लगी थीं। प्रॉपर्टी डीलर के भाई और एक अन्य दोस्त ने वहां से भागकर जान बचाई। हत्या को अंजाम देकर तीनों आरोपी कार लेकर फरार हो गए।

पुलिस ने हत्या की साजिश में शामिल एक आरोपी की गर्लफ्रेंड और अन्य दोस्त को रविवार सुबह धर दबोचा। मुख्य आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है। पुलिस के अनुसार, मामला चोरी के सरिया की अवैध बिक्री से जुड़ा भी हो सकता है।
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और वीरेंद्र पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं

प्रताप विहार सेक्टर-11 निवासी वीरेंद्र गुर्जर उर्फ बिल्लू यहां परिवार के साथ रहते थे। वह प्रॉपर्टी डीलिंग और सरिया बेचने का काम करते थे। शनिवार शाम नए साल की पार्टी की बात कहकर तीन दोस्त अंशुल, अमित जाट और सुनील उर्फ बाली उन्हें कार में साथ लेकर गए थे।

वीरेंद्र का भाई ललित और एक दोस्त गौरव भी उनके साथ कार में गए। दिल्ली के मयूर विहार में पार्टी करने के बाद सभी कार से घर लौट रहे थे। इंदिरापुरम नीति खंड स्थित शिव मंदिर के पास पहुंचकर वीरेंद्र ने लघु शंका करने के लिए कार रुकवाई।

वीरेंद्र के नीचे उतरते ही अंशुल, अमित और सुनील भी कार से नीचे उतरे और वीरेंद्र पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस दौरान ललित और गौरव ने भागकर जान बचाई। तीनों आरोपी कार लेकर वहां से भाग गए।

साजिश में शामिल थी उसकी गर्लफ्रेंड

ललित और गौरव की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस वीरेंद्र को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने तीनों के मोबाइल को सर्विलांस पर लेकर जांच शुरू की।

मोबाइल सर्विलांस के जरिए पुलिस ने साजिश में शामिल अंशुल की वैशाली निवासी गर्लफ्रेंड अनम और विजयनगर निवासी एक अन्य दोस्त रिक्की को हत्या की साजिश के आरोप में उनके घर से गिरफ्तार कर लिया है।

जबकि हत्या के मुख्य आरोपी विजनगर निवासी अंशुल, सुनील और चिरंजीव विहार निवासी अमित जाट फरार हैं।

पुलिस से बचने के लिए लिया दृश्यम फिल्म का सहारा

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी मृतक वीरेंद्र के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग करते थे। करीब एक सप्ताह पहले एक प्रॉपर्टी की डील के दौरान रुपयों को लेकर विवाद हो गया था। जिसके बाद अंशुल ने हत्या की साजिश रच डाली।

मोबाइल लोकेशन ट्रेस न हो इसके लिए उसने दृश्यम फिल्म देखकर प्लान तैयार किया। शनिवार को पार्टी के लिए जाने से पहले अंशुल ने अपना मोबाइल विजयनगर निवासी दोस्त रिक्की के पास छोड़ दिया।

साथ ही गर्लफ्रेंड अनम को कहा कि वह उसके मोबाइल पर बार-बार कॉल करती रहे। जिससे वह हत्या के आरोपों से बच सके। पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस से रिक्की और अनम को धर दबोचा। जिसके बाद पूरी साजिश का खुलासा हो गया।
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मोबाइल लोकेशन ट्रेस न हो इसके लिए गर्लफ्रेंड से करवाए 12 कॉल

नोएडा की इंश्योरेंस कंपनी में कार्यरत अंशुल की गर्लफ्रेंड अनम ने बताया कि उसे मर्डर की योजना के बारे में नहीं पता था। अंशुल ने शनिवार शाम को कॉल कर उसे बताया कि उसका फोन रिक्की के पास रहेगा।

वह रात को हर 10 मिनट में उसे कॉल करती रहे। रात करीब साढ़े बारह बजे अंशुल ने कॉल कर बताया कि मर्डर हो गया। अनम ने मर्डर के बारे में पूछा तो उसने कहा कि बाद में बताएगा।

रिक्की को कॉल कर बता दो कि मोबाइल स्विच ऑफ कर दे। मर्डर के दौरान गर्लफ्रेंड ने अंशुल के मोबाइल पर 12 कॉल किए।
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