नई दिल्ली। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 45 वर्षीय कारोबारी राजेश अग्रवाल को 14.58 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। ट्रिब्यूनल ने इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी को यह राशि क्लेम की तारीख से भुगतान तक 7.5 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
पांच जून 2017 को राजेश दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में दोपहिया वाहन से जा रहे थे, तभी पीछे से तेज व लापरवाही से चल रही ट्रैक्टर ट्रॉली ने टक्कर मार दी। इससे उन्हें गंभीर चोट आईं। दो बार अस्पताल में भर्ती व स्किन ग्राफ्टिंग के बाद डॉक्टरों ने नौ फीसदी स्थायी विकलांगता बताई।
पीठासीन अधिकारी शिरीष अग्रवाल ने कहा कि मेडिकल इंश्योरेंस से मिली राशि को मुआवजे से कम नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह अलग अनुबंध है। बीमा कंपनी के बिना परमिट व लाइसेंस के तर्क को एमएसीटी ने सुप्रीम कोर्ट के 2018 के फैसले के आधार पर खारिज करते हुए कंपनी को पहले पूरी राशि अदा करने और बाद में वाहन मालिक से वसूली का अधिकार देने का आदेश दिया। संवाद