गोल्ड फील्ड मेडिकल कॉलेज का मामला अब मुख्यमंत्री मनोहरलाल के संज्ञान में आ गया है। मंगलवार शाम एमबीबीएस छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन्हें कॉलेज की समस्याएं गिनाईं।
पूरी बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनका भविष्य खराब नहीं होने दिया जाएगा। बता दें साल 2010 में कॉलेज की शुरुआत की गई थी। लेकिन कॉलेज प्रबंधन अपेक्षित सुविधाएं विकसित नहीं कर पाया। इसके बाद मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एफसीआई) ने वर्ष 2015-16 में नए एडमिशन करने पर रोक लगा दी थी।
अब कॉलेज के हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि कॉलेज प्रबंधन के नाम पर कुछ नहीं है। न पढ़ाई हो रही है और न ही कोई सुनवाई। फेकल्टी भी नौकरी छोड़कर जा चुकी है। बकाया न देने पर पानी, बिजली के कनेक्शन काट दिए गए हैं। आर्थिक तंगी के चलते हॉस्टल में मैस भी बंद हो गई। मामला बिगड़ता देख एमबीबीएस छात्र पिछले एक माह से प्रशासनिक अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के बाद छात्रों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की तो राहत मिलने की उम्मीद जरूर जगी। एमबीबीएस छात्र कुलदीप खटाना, आयूष गुप्ता, नवीन, इशिता और माधुरी ने मुख्यमंत्री से करीब 20 मिनट की मुलाकात में अपनी समस्याओं को उठाया।मुख्यमंत्री ने स्टेट मेडिकल काउंसिल के निदेशक केके खंडेलवाल से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है।