दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज को पूरा करने का नया टारगेट मिला है। कॉमनवेल्थ गेम्स से पूर्व बनाकर तैयार करने के लिए जिस पुल का 2008 के विस चुनाव से पूर्व शिलान्यास किया गया था, उसके संपर्क मार्ग पूरा करने का नया लक्ष्य सितंबर, 2014 का दिया गया है। इससे पूर्व शीला दीक्षित ने दिसंबर, 2013 का लक्ष्य दिया था। हालांकि सिग्नेचर ब्रिज की रॉयल झलक व उससे वाहन गुजारने का अवसर 2015 केअंत तक ही लोगों को मिल पाएगा।
परियोजना की देरी पर उपराज्यपाल नजीब जंग ने नाराजगी जाहिर की है। मुख्य सचिव को एक सप्ताह में सभी एजेंसी की बैठक बुलाकर मामले सुलझाएं। एक महीने में जंग फिर समीक्षा करेंगे। अभी तक पुल पर बनने वाले 154 मीटर के पाइलान का काम पूरा नहीं हो सका है। उसके अलग-अलग हिस्से कई देशों से दिल्ली पहुंच चुके हैं।
उपराज्यपाल नजीब जंग ने सिग्नेचर ब्रिज निर्माण को लेकर दिक्कतों की समीक्षा की। ब्रिज लागत 1131 करोड़ रुपए की है। करीब 675 मीटर लंबाई वाले ब्रिज के संपर्क मार्ग सितंबर, 2014 तक पूरा करने का लक्ष्य उपराज्यपाल ने पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम को दिया है। विभाग ने निर्माण देरी में पर्यावरण और वन मंत्रालय से मंजूरी में देरी और जमीन की दिक्कत का हवाला दिया है।
प्रोजेक्ट की तीन हिस्से
मुख्य पुल
यमुना नदी की डाउन स्ट्रीम में मौजूदा पुल से करीब 500 मीटर दूर नया पुल तैयार होगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत व पहचान केबल स्टे ब्रिज व 154 मीटर ऊंचा पाइलान होगा। यह ऊंचाई कुतुबमीनार से ज्यादा होगी। पुल की लंबाई 675 मीटर व चौड़ाई 8 लेन की होगी। इसे पूरा करने में कम से कम एक वर्ष और लगेंगे। पाइलान के हिस्से टुकड़ों में दिल्ली पहुंच चुके हैं। पानी रोककर उसे खड़ा करने केलिए कुंए बनाए जा रहे हैं। इस साल के अंत तक पाइलान के हिस्से दिखने लगेंगे।
वेस्टर्न एप्रोच
रिंग रोड पर करीब 1.80 किमी लंबा व 8 लेन चौड़ा फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। इससे तिमारपुर, वजीराबाद और मुखर्जी नगर प्वाइंट सिग्नल फ्री होगा। इसके लिए 8 लूप बनेंगे। लूप अलग मर्जिंग लेन से फ्लाईओवर से जुड़ेगा। इससे फ्लाईओवर के किसी प्वाइंट पर ट्रैफिक हैवी नहीं होगा।
ईस्टर्न एप्रोच
वजीराबाद रोड स्थित खजूरी चौक को सिग्नल फ्री करने के लिए 800 मीटर लंबा व आठ लेन चौड़ा फ्लाईओवर तैयार किया जा रहा है। यहां से यमुना नदी तक करीब 2 किमी लंबी नई सड़क तैयार की जा रही है। इसके बीच में 120 मीटर डायफ्राम की एक रोटरी होगी। इससे आउटर रिंग रोड से खजूरी चौक तक ट्रैफिक स्मूथ रहेगा।
प्रोजेक्ट
-दिल्ली विधानसभा चुनाव 2008 से पूर्व शिलान्यास कार्यक्रम किया गया।
-लूप व फ्लाईओवर का काम 2009 में हुआ शुरु
-जून 2010 में शुरु हुआ नए पुल का काम
-अनुमानित लागत करीब 1,131 करोड़ रूपए
-आउटर रिंग रोड फ्लाईओवर से दो महीने के भीतर शुरु होगा आवाजाही
-खजूरी चौक पर फ्लाईओवर बनकर तैयार है, शुरू नहीं हुआ।
-प्रोजेक्ट के अप्रोच रोड पूरा करने का लक्ष्य सितंबर, 2014 है जबकि पूरा प्रोजेक्ट 2015 के अंत तक ही हो सकेगा।